
FASTag UPI Toll Collection
FASTag UPI Toll Collection: केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर टोल संग्रह को पूरी तरह डिजिटल बनाने का बड़ा कदम उठाया है। अब सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर सिर्फ FASTag और UPI से ही टोल भुगतान हो सकेगा। कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह व्यवस्था 10 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हो गई है। मंत्रालय के अनुसार, इस कदम से टोल प्लाजा पर लंबी कतारें खत्म होंगी, संग्रह प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
हालांकि, लोकसभा चुनाव के कारण तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के कारण यह व्यवस्था फिलहाल स्थगित रखी गई है। इन राज्यों में अभी पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
देश में FASTag की पेन्ट्रेशन दर 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार, अधिकांश टोल ट्रांजेक्शन अब इलेक्ट्रॉनिक रूप से हो रहे हैं। बिना FASTag वाले वाहनों को प्लाजा पर दोगुना टोल देना होगा यदि वे कैश भुगतान करते हैं।
FASTag Annual Pass की सफलता भी सराहनीय रही है। इसके लॉन्च के सिर्फ छह महीनों में 50 लाख से अधिक यूजर्स जुड़ चुके हैं और 26.55 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन हो चुके हैं। इस पास के तहत एक बार ₹3,075 (2026-27 के लिए संशोधित) का भुगतान करने पर पूरे साल 200 टोल प्लाजा तक फ्री आवागमन मिलता है।
NHAI ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए Annual Pass की फीस ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। यह संशोधन नेशनल हाईवे फीस नियम 2008 के अनुसार किया गया है।
सरकार का मानना है कि पूरी तरह डिजिटल टोल संग्रह से न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि राजस्व संग्रह में भी पारदर्शिता आएगी। कम्यूटरों को UPI के जरिए तुरंत और आसान भुगतान की सुविधा मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को मजबूत करेगा और भविष्य में हाईवे ट्रैफिक प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा।
Updated on:
11 Apr 2026 09:03 pm
Published on:
11 Apr 2026 09:03 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
