
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) के नेतृत्व के लिए समर्थन देने वाली अपनी टिप्पणी से राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पटना में बात करते हुए लालू यादव ने कहा, "कांग्रेस की आपत्ति का कोई मतलब नहीं है। हम ममता का समर्थन करेंगे। ममता बनर्जी को (इंडिया ब्लॉक का) नेतृत्व दिया जाना चाहिए। हम 2025 में फिर से सरकार बनाएंगे।" उनके बयान पर राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आई हैं।
दिल्ली में शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने निर्णय लेने में एकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, "हमारी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकती। हर पार्टी की अपनी राय होती है। जब बैठक होगी और सर्वसम्मति से जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह हमारी पार्टी को स्वीकार्य होगा।"
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने लालू के प्रस्ताव का समर्थन किया और कांग्रेस के नेतृत्व की पिछली आलोचनाओं को दोहराया। उन्होंने कहा, "हमने पहले ही कहा था कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि उसके नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक विफल हो गया है। अच्छा होगा कि ममता दीदी को (इंडिया ब्लॉक का) नेतृत्व सौंपा जाए। सभी नेताओं में से, राजनीतिक लड़ाई की बात करें तो ममता दीदी का नाम सबसे ऊपर है। हालांकि, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माझी ने सतर्क रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकती। हर पार्टी की अपनी राय होती है। जब बैठक होगी और सर्वसम्मति से जो भी फैसला होगा, वह हमारी पार्टी को स्वीकार्य होगा।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लालू यादव के बयान को खारिज करते हुए इंडिया ब्लॉक के भीतर एकता पर सवाल उठाया। बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने कहा, "ब्लॉक के सदस्य ही इसका बेहतर तरीके से जवाब दे सकते हैं।" इसी तरह, बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "वे (इंडिया ब्लॉक के नेता) किसी को अपना नेता नहीं मानते, वे खुद को ही नेता मानते हैं।"
इंडिया ब्लॉक में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी कांग्रेस ने अभी तक लालू यादव के सुझाव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है, जिससे आंतरिक मतभेदों की अटकलों को बल मिला है। चूंकि इंडिया ब्लॉक नेतृत्व के सवालों से जूझ रहा है, इसलिए लालू यादव द्वारा ममता बनर्जी का समर्थन किए जाने से गठबंधन के भीतर बहस और तेज होने की संभावना है, जिससे आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श के लिए मंच तैयार हो जाएगा।
Published on:
10 Dec 2024 02:45 pm
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