
Arvind Kejriwal
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को छत्रसाल स्टेडियम में रखे गए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज इस मंच से आजादी के 75 साल के उपलक्ष में उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद और नमन करता हूं। ध्वजारोहण के बाद केजरीवाल ने कहा कि आने वाला कल भारत का है और देश के 130 करोड़ लोगों को एक साथ आने तथा भारत को दुनिया का नंबर एक देश बनाने का संकल्प करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्तखोरी नहीं हैं और अगर लोगों को ये सुविधाएं दी जाएं तो भारत दुनिया का शीर्ष देश बन सकता है।
बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य समृद्ध देश की कुंजी
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल एक समृद्ध देश बनने की कुंजी है। उन्होंने तिरंगा तभी ऊंची उड़ान भरेगा, जब हर भारतीय को बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि हमें चुनौतियों और भविष्य के बारे में सोचने की जरूरत है।
शिक्षा और हेल्थकेयर फ्री की रेवड़ी नहीं
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संबोधन में कहा कि निशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्तखोरी नहीं हैं और अगर लोगों को ये सुविधाएं दी जाएं तो भारत दुनिया का नंबर 1 देश बन सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को फ्री बी मत कहिये। मां-बाप अपने बच्चे को फ्री बी नहीं देते, ये हमारे बच्चे हैं।
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इंश्योरेंस की नहीं अस्पताल की जरूरत है
केजरीवाल ने कहा कि लोगों को इलाज के लिए जेवर और जमीन बेचने पड़ते हैं। हमें प्रण लेना होगा कि 130 करोड़ में से कोई बीमार हो तो सब मिलकर उसका इलाज कराएंगे। सभी अमीर देशों में लोगों का इलाज फ्री है। हमें इंश्योरेंस की ज़रूरत नहीं, अस्पताल की ज़रूरत है।
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दिल्ली सरकार के स्कूलों का परिणाम 99.9 फीसदी रहा
उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया ने प्लान बनाइए और सबसे ज्यादा तवज्जो हमने शिक्षा को देनी है। इसके बाद हमने अपने बजट का 25 प्रतिशत शिक्षा को दिया आज दिल्ली के अंदर शिक्षा का यह आलम बीते साल दिल्ली सरकार के स्कूलों के 99.9 प्रतिशत परिणाम आए है। 4 लाख बच्चे प्राइवेट स्कूल से नाम कटवा कर सरकारी स्कूल में आए। आज 18 लाख बच्चे दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं।
Published on:
15 Aug 2022 02:58 pm

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