
From drone show to tableaux depicting scenes from Ramayana, Mahabharata - What to expect from Republic Day 2023 parade
इस साल 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड काफी खास होने वाली है, जिसमें 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों और 6 विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की झाकियों के जरिए भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक व सामाजिक प्रगति को को दिखाया जाएगा। खास बात यह है कि सभी झाकियों को अलग-अलग थीम में होगी। हालांकि ज्यादातर झाकियों की थीम नारी सशक्तिकरण को दिखाते हुए होगी। वहीं इस साल हिमाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान और दिल्ली की झाकियां परेड में शामिल नहीं होगी।
आज से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 26 जनवरी को लेकर चेकिंग और पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई है। बाज़ारों में सख्ती बढ़ा दी गई है। नॉर्थ दिल्ली DCP सागर सिंह कलसी ने बताया कि "लाल किले की सुरक्षा बढ़ा दी है। परेड रूट के 3 किलोमीटर तक हमने सुरक्षा के इंतज़ाम किए हैं। CCTV कैमरा की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया है।"
भगवान राम और देवी सीता का स्वागत दिखाएगी उत्तर प्रदेश की झांकी
उत्तर प्रदेश की झांकी में वनवास से लौटने पर अयोध्या के लोगों द्वारा भगवान राम और देवी सीता का स्वागत करते हुए दिखाया जाएगा, जिसमें अयोध्या दीपोत्सव विषय के केंद्र में है। उत्तर प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि "झांकी के साइड पैनल अयोध्या में सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी को दर्शाते हैं और एक बड़ा 'दीपोत्सव द्वार' बनाया गया है। इसमें महा ऋषि वशिष्ठ की मूर्ति भी है।"
महाभारत युद्ध के दृश्यों को दिखाएगी हरियाणा की झांकी
हरियाणा की झांकी में महाभारत युद्ध के दृश्यों को साइड पैनल पर दिखाया जाएगा। इस झांकी में भगवान कृष्ण को कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में अर्जुन के सारथी के रूप में सेवा करते हुए और उन्हें उपदेश देते हुए दिखाया जाएगा है। झांकी के आगे वाले भाग में भगवान कृष्ण को उनके 'विराट स्वरूप' रूप में बनाया गया है, जैसा कि उन्हें अर्जुन के सामने दिखाया गया है।
धार्मिक स्थलों को दिखाएंगी इन राज्यों की झाकियां
झारखंड और जम्मू और कश्मीर दोनों राज्यों की झाकियों में धार्मिक स्थलों को दिखाया जाएगा, जबकि पश्चिम बंगाल की झांकी में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत दुर्गा पूजा उत्सव को दिखाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार झांकी में पूजा के दौरान बनाए गए एक पारंपरिक पंडाल का आभास होता है और यह टेराकोटा से प्रेरित डिजाइन को प्रदर्शित करता है।
बैद्यनाथ मंदिर और कांवरियों को दिखाएगी झारखंड की झांकी
झारखंड की झांकी में प्रसिद्ध बैद्यनाथ मंदिर - भगवान शिव को समर्पित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक को दिखाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस झांकी में 'बोल बम'लिखा हुआ भगवा वस्त्र पहने 'कांवरियों' को दिखाया जाएगा। देवघर में प्राचीन मंदिर की प्रतीकात्मक संरचनाएं झांकी में मुख्य रूप से दिखाई जाएंगी।
नवीकरणीय ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत को दिखाएगी गुजरात की झांकी
गुजरात की झांकी में राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दिखाया जाएगा। इसके सामने कच्छी पोशाक पहने एक लड़की को दिखाया जाएगा, जिसके एक हाथ में 'सूर्य' और दूसरे हाथ में 'कागज का पहिया'होगा। जो सौर और पवन ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करेगा है। भारत का पहला चौबीसों घंटे सौर ऊर्जा से चलने वाले गांव मोढेरा को भी झांकी में दिखाया जाएगा, जो सूर्य मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। इस झांकी के साथ रंग-बिरंगी 'गरबा' की पोशाक पहने कलाकार भी दिखाई देंगे।
सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को दिखाएगी लद्दाख की झांकी
लद्दाख अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को झांकी में दिखाएगा। झांकी के पिछले हिस्से में कारगिल में 7वीं शताब्दी की गांधार कला आधारित रॉक-कट बुद्ध की मूर्तियां होगी। कारगिल में चट्टानों को काटकर बनाई गई मूर्तियां दुनिया में अपनी तरह की केवल तीन मूर्तियां हैं।
मंत्रालय की 6 झांकियां भी परेड में होंगी शामिल
राज्यों व केंद्र शासिस प्रदेशों के अलावा मंत्रालय की 6 झांकियां भी परेड का हिस्सा होंगी। संस्कृति मंत्रालय ने अपनी झांकी में देवी दुर्गा को दिखाने के लिए चुना गया है। वहीं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इस साल पहली बार एक झांकी प्रदर्शित करेगा, जिसमें ड्रग्स को ना कहने का एक सार्वभौमिक संदेश होगा। इसके साथ ही बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान एए ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग भी होगा, जिसे 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट समारोह में 'भारत में सबसे बड़ा ड्रोन शो के रूप में जाना जाता है।
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Published on:
23 Jan 2023, 7:00 PM IST
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