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पवन खेड़ा को झटका, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका

Pawan Khera Bail: गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

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भारत

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Devika Chatraj

Apr 24, 2026

पवन खेड़ा

Pawan Khera Passport Case: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है। इस एफआईआर में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें कथित रूप से कई पासपोर्ट रखने और दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप शामिल हैं।

अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

इस मामले की सुनवाई जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की बेंच ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 21 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद अब कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।

पवन खेड़ा की ओर से क्या दलील दी गई?

पवन खेड़ा की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में दलील दी कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद सार्वजनिक रूप से पवन खेड़ा के खिलाफ बयान दिए हैं, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल उठते हैं।

आरोपों को बताया अपमानजनक

सिंघवी ने यह भी कहा कि पवन खेड़ा के भागने या जांच से बचने का कोई खतरा नहीं है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार करने की आवश्यकता नहीं है। वरिष्ठ वकील केएन चौधरी ने भी इन दलीलों का समर्थन करते हुए आरोपों को अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ये आरोप लगाए गए हैं, उससे साफ है कि इनमें दुर्भावना दिखाई देती है।

मामला मानहानि का

बचाव पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि यह अधिकतम एक आपराधिक मानहानि का मामला हो सकता है, जिसे केवल निजी शिकायत के जरिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए था।

राज्य सरकार का पक्ष

असम सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल देवजीत लोन सैकिया ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत में कहा कि यह सिर्फ मानहानि का मामला नहीं है, बल्कि इसमें दस्तावेजों और संपत्ति के कागजात (टाइटल डीड्स) को कथित रूप से गढ़ने का आरोप भी शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में मुख्य आरोप धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े हैं, इसलिए आरोपी को राहत नहीं दी जानी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद एक एफआईआर से शुरू हुआ, जिसमें रिनिकी भुइयां सरमा की ओर से पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।