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PM Modi Rally in Jadavpur: जादवपुर में PM नरेंद्र मोदी की रैली, यहीं से जीतकर पहली बार संसद पहुंची थीं ममता बनर्जी, कहलाई थीं जाइंट किलर

West Bengal Elections 2026: पीएम मोदी आज जादवपुर में रैली को संबोधित करने वाले हैं। कभी यहां से वाम दल के बड़े नेता सोमनाथ चटर्जी को ममता बनर्जी ने पहली बार संसदीय चुनाव में हराया था। पढ़ें पूरी खबर

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narendra modi vs mamata banerjee

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल चुनाव में पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग हुई है। अब दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इस बार मुख्य मुकाबला बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच है। हालांकि, दशकों कायम रही वामपंथी पार्टियां और कांग्रेस के उम्मीदवार भी जोर लगा रहे हैं। प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी अपना पूरा दमखम झोंक रही है। पीएम मोदी आज दमदम और जादवपुर में रैली को संबोधित करेंगे। जादवपुर वही जगह है, जहां से युवा ममता बनर्जी साल 1984 में पहली बार चुनाव जीतकर संसद पहुंची थीं। उन्होंने वाम दल के बड़े नेता सोमनाथ चटर्जी को हराया था।

जब सोमनाथ चटर्जी को हराया

साल 1983 में कोलकाता में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था। युवा ममता बनर्जी को वीवीआईपी डेलीगेशन की देखभाल की जिम्मेदारी मिली थी। इसी दौरान ममता की मुलाकात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे राजीव गांधी से हुई। साल 1984 में इंदिरा गांधी की उन्हीं के बॉडीगार्ड ने हत्या कर दी। जिस समय इंदिरा की हत्या हुई, उस समय राजीव पश्चिम बंगाल में थे।
जब साल 1984 में लोकसभा चुनाव का बिगुल बजा तो कांग्रेस सदभावना लहर पर सवार थी।

कांग्रेस राजीव के नेतृत्व में चुनाव में कूदी। पार्टी ने युवातुर्क ममता को जादवपुर से टिकट दिया। उस समय जादवपुर से कांग्रेस का जीतना बेहद मुश्किल था। यहां से सीपीएम के कद्दावर नेता सोमनाथ चटर्जी सांसद थे। साथ ही, जादवपुर विश्वविद्यालय लेफ्ट का गढ़ था। युवा और मजदूरों के चलते वामदल इलाके में प्रभावी थे।

कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए डरते थे, लेकिन ममता बनर्जी ने अपनी राजनीतिक कौशल के जरिए सोमनाथ चटर्जी को हरा दिया। साल 1984 के चुनाव में ममता बनर्जी ने 3,31,618 वोट (50.87%) प्राप्त किए, जबकि सोमनाथ चटर्जी को 3,11,958 वोट (47.85%) मिले। ममता की जीत का अंतर लगभग 19,660 वोट रहा। इस जीत से ममता भारत की सबसे युवा सांसदों में शामिल हो गईं और भारतीय राजनीति में उनकी मजबूत पहचान बनी।

1989 में ममता बनर्जी को मिली हार

हालांकि, इसके बाद प्रदेश में कांग्रेस में आपसी गुटबाजी बहुत बड़ी हो गई थी। 1989 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा। ममता के समर्थक मानते थे कि प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने लेफ्ट के साथ मिलकर ममता को हराया है। इसके बाद ममता ने अपना पूरा ध्यान बंगाल की तरफ लगा दिया।

इस बार भवानीपुर सीट से विस. चुनाव मैदान में ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से बतौर तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि बीजेपी की तरफ से सुवेंदु अधिकारी उन्हें टक्कर दे रहे हैं।

पहले चरण में 92% वोटिंग

पश्चिम बंगाल में गुरुवार को पहले चरण में 92 फीसदी वोटिंग हुई। यह आजादी के बाद से विधानसभा चुनावों में बंगाल में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। पीएम मोदी ने बड़ी संख्या में वोट देने के लिए राज्य की जनता को बधाई दी है।