
सरकारी बैंक कर्मचारियों के वेतन में 17 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। यह वार्षिक वेतन वृद्धि 1 नवंबर 2022 से पांच साल के लिए प्रभावी होगी। इसे लेकर इंडियान बैंक एसोसिएशन संघ (आईबीए) ने बैंक यूनियनों के साथ एक समझौता किया है। इस वेतन संशोधन से बैंकों पर 12,449 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। हालांकि, यूनियनों ने मांग की है कि सभी शनिवारों को बैंकों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए। इससे पहले पिछले वेतन समझौते के तहत बैंकर्स को 15 फीसदी वेतन बढ़ोतरी मिलती थी। दोनों संगठन समझौते को 180 दिनों में पूरा करने का प्रयास करेंगे।
ऐसे बढ़ेगा वेतन
नए वेतनमान की गणना 31 अक्टूबर 2022 के मूल वेतन में महंगाई भत्ते को शामिल करने के बाद की जाएगी। महंगाई भत्ते की गणना 8088 अंकों (जुलाई, अगस्त और सितंबर 2021 की तिमाही के लिए लागू औसत सूचकांक बिंदु) के आधार पर होगी। इस राशि में 3 फीसदी की लोडिंग भी जोड़ी जाएगी। लोडिंग की यह राशि 1,795 करोड़ रुपए बैठेगी। इस समझौते के तहत पेंशन रिवीजन के साथ साथ पांच दिनों के वर्किंग का नियम भी लागू होगा। समझौते के बाद अब यह मामला वित्त मंत्रालय के पास पहुंच गया है।
प्रत्येक शनिवार की छुट्टी पर नहीं हो सका फैसला
वेतन में 17 फीसदी बढ़ोतरी को लेकर आईबीए के साथ समझौते के बाद पेंशन रिवीजन पर भी रजामंदी बन गई है। हर शनिवार को बैंक में छुट्टी की भी सिफारिश की गई है। हालांकि शनिवार की छुट्टी की मांग पर अभी मामला अटका है और नोट में इस पर दस्तखत नहीं हुए हैं। एआईबीओसी की ओर से कहा गया है कि सैलरी परसेंटेज और वेटेज अनुमान से कम होने के बावजूद ये देश के 8.50 लाख बैंक कर्मचारियों के लिए खुशी की बात है।
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Published on:
09 Dec 2023 08:22 am
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