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ED निदेशक का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सरकार बोली- मिश्रा का पद पर बने रहना जरूरी

ED: बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को केंद्र सरकार ने शीर्ष न्यायालय को बताया कि FATF यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की समीक्षा के चलते मिश्रा का पद पर बने रहना अहम है।  

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प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 31 जुलाई को रिटायर होने जा रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार उन्हें तीसरा सेवा विस्तार देना चाहती है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार को सेवा विस्तार देने में दिक्कत आ रही है। जिसकी वजह से केंद्र सरकार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। दरअसल, 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने संजय मिश्रा के सेवा विस्तार को गैर कानूनी बताया था और 31 जुलाई तक नए निदेशक की नियुक्ति की बात कही थी।

मिश्रा का पद पर बने रहना जरूरी

इसके अलावा केंद्र सरकार ने दायर याचिका में कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय के नेतृत्व में इस समय कोई भी बदलाव, (FATF) आकलन में एजेंसी की तरफ से मिलने वाले सहयोग को खासा प्रभावित करेगा। ऐसे में यह भारत के राष्ट्र हित में विपरीत असर डालेगा मिश्रा का इस प्रक्रिया के दौरान बने रहना बेहद जरूरी है।

मिश्रा को दो बार सेवा विस्तार दे चुकी है सरकार

संजय कुमार मिश्रा को मोदी सरकार का करीबी अफसर माना जाता है। सरकार ने उन्हें पहली बार नवंबर 2018 में ईडी का निदेशक बनाया गया था। उनका कार्यकाल नवंबर 2020 में खत्म हुआ। मई 2020 में वह रिटायरमेंट की उम्र 60 पर पहुंच गए थे। इसके बाद सरकार ने फिर उन्हें सेवा विस्तार दिया। लेकिन उनका दूसरा सेवा विस्तार भी अब खत्म होने जा रहा है।

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