
Nari Shakti Vandan Act (Representational Photo)
केंद्र सरकार पांच राज्यों के चुनाव के बीच इसी महीने नारी शक्ति वंदन अधिनियम ला सकती है। इसके लिए सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक बजट सत्र का विस्तार कर दिया है। राज्यसभा में गुरुवार को इसका मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार को इस अधिनियम को चुनाव के बाद लाना चाहिए। वहीं सत्ता पक्ष से सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि चुनावी फायदे के लिए कुछ नहीं किया जा रहा। इस मुद्दे पर जमकर तकरार भी हुई।
राज्यसभा में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इस अधिनियम को इसी महीने लाने की बात का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार इस पर स्थिति स्पष्ट करें। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस बारे में सभी पार्टियों से बात हो चुकी है। संसद ने देश की महिलाओं से जो वादा किया है, उसे पूरा करना सरकार का कर्तव्य है।
इस मामले पर खरगे ने कहा कि उन्होंने पत्र लिखा है। सभी पार्टी की मीटिंग बुलानी चाहिए और विचार-विमर्श करने के 29 अप्रैल के बाद फिर से बजट सत्र बुलाना चाहिए। खरगे ने कहा कि वह महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं और अगर सरकार को इस अधिनियम को लाना ही था, तो सत्र की शुरुआत में ऐसा करना चाहिए था। खरगे ने चुनावी फायदे के लिए ऐसा करने का आरोप लगाया। इस पर रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
सनड्डा ने कहा कि महिला आरक्षण के लिए लाया जा रहा यह अधिनियम श्रेय के लिए नहीं है। इस पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि सरकार चुनाव देखकर राजनीति करनी है, इसलिए इस अधिनियम को पांच राज्यों में चुनाव से पहले लाया जा रहा है। इस पर जमकर तकरार भी हुई।
राज्यसभा का बजट सत्र पहले 2 अप्रैल का खत्म होना था, लेकिन अब इसका विस्तार कर दिया है। इसके तहत राज्यसभा 16 अप्रैल तक स्थगित की गई है। इससे 16 से 18 अप्रैल तक आहूत होगा। हालांकि अभी कोई तारीख फाइनल नहीं है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संसद और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण होगा। इससे लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 816 हो सकती हैं, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
Updated on:
03 Apr 2026 06:52 am
Published on:
03 Apr 2026 06:49 am
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