
फाइल फोटो
LPG Gas Cylinder New Booking Rules 2026: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में तेल आपूर्ति पर मंडराते खतरे के बीच मोदी सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता को पिछले रिफिल के बाद कम से कम 25 दिनों तक इंतजार करना होगा, जबकि पहले यह अवधि 21 दिन थी। यह फैसला पैनिक बाइंग और होर्डिंग रोकने के लिए लिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू एलपीजी की मांग में 15-20 प्रतिशत की अचानक बढ़ोतरी हुई। लोग भविष्य में आपूर्ति बाधित होने के डर से पहले से ही सिलेंडर बुक कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है और स्टॉक भी मजबूत स्थिति में है। बुकिंग की न्यूनतम अवधि बढ़ाकर इन्वेंटरी को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'औसत घरेलू परिवार साल में 7-8 सिलेंडर (14.2 किलो) इस्तेमाल करता है। सामान्य तौर पर एक सिलेंडर 6 हफ्तों से ज्यादा चलता है। 21 दिन की जगह 25 दिन की वेटिंग पीरियड लगाना जरूरी हो गया, ताकि अनावश्यक बुकिंग और स्टॉकिंग रोकी जा सके।' यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां-इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम-इसे लागू कर रही हैं।
सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को फिलहाल नहीं बढ़ाने का भी फैसला किया है, भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हो। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां मौजूदा लागत दबाव को कुछ समय तक सहन करेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सरकार ग्लोबल ऑयल मार्केट पर नजर रख रही है, लेकिन अभी रिटेल फ्यूल कीमतें बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है।'
राज्यसभा में सोमवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने लिखित जवाब में बताया कि देश में क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की कुल क्षमता 74 दिनों की है। इसमें स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स (SPR) की क्षमता 5.33 मिलियन मीट्रिक टन है, जो करीब 9.5 दिनों की जरूरत पूरी कर सकती है। इसके अलावा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास 64.5 दिनों का स्टॉक है।
मंत्री ने कहा कि यह भंडारण क्षमता भू-राजनीतिक संघर्ष जैसे अल्पकालिक आपूर्ति झटकों से निपटने के लिए बफर का काम करेगी। सरकार का दावा है कि वर्तमान स्थिति में कोई तत्काल संकट नहीं है, लेकिन युद्ध लंबा खिंचने पर वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों और इम्पोर्ट रूट्स को मजबूत करने की तैयारियां जारी हैं।
Published on:
09 Mar 2026 10:03 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
