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चुनावों में हार से तिलमिलाया BJP कार्यकर्ता, गांव के लोगों को सरकारी बोरवेल से पानी भरने से रोका

वलसाड के गढवी गांव में पंचायत चुनाव में हार के बाद बीजेपी कार्यकर्ता पर ग्रामीणों को सरकारी बोरवेल से पानी लेने से रोकने का आरोप लगा। पंचायत और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दोबारा पानी सप्लाई शुरू हुई।
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अहमदाबाद

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Himadri Joshi

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Updated: 21 May 2026, 10:35 AM IST

Gujarat News

पानी भरने जाते लोग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गुजरात के वलसाड जिले में पंचायत चुनाव के बाद एक नया विवाद सामने आया है। आरोप है कि यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक स्थानीय कार्यकर्ता ने चुनाव हारने के बाद गांव के लोगों को सरकारी बोरवेल से पानी लेने से रोक दिया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में भरुच जिले में भी चुनाव हार के बाद गांव की पानी सप्लाई काटने का मामला चर्चा में रहा था। इसके बाद अब वलसाड के गढवी गांव के तबडमाल फलिया इलाके में ऐसा ही मामला सामने आया है। बीजेपी कार्यकर्ता की मनमानी के चलते यहां लोगों को दो दिनों तक पीने के पानी की परेशानी झेलनी पडी, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों ने मामले में हस्तक्षेप किया और पानी की स्पलाई फिर से शुरू हुई।

बोरवेल पर मेरा अधिकार - बीजेपी कार्यकर्ता

गढवी गांव कपराडा तालुका पंचायत की सुलिया सीट के अंतर्गत आता है। हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मनीषा गोंड ने बीजेपी उम्मीदवार याशी मुकेश खरपडे को हराया था। आरोप है कि इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता अमरेश बुधेर ने गांववालों को ग्राम पंचायत की जमीन पर बने सरकारी बोरवेल से पानी लेने से रोक दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधेर ने दावा किया कि बोरवेल उनकी पहल पर लगाया गया था और इसलिए उस पर उनका अधिकार है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस इलाके में बीजेपी को कम वोट मिले, वहां के लोगों को पानी नहीं देने की बात भी कही गई।

सरपंच को करना पड़ा मामले में हस्तक्षेप

गढवी गांव के सरपंच बापु खरपडे, जो खुद बीजेपी से जुडे हैं, ने बताया कि जैसे ही उन्हें मामले की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि यह बोरवेल वर्ष 2012 में राज्य सरकार के फंड से बनवाया गया था और इसका उपयोग सभी ग्रामीणों के लिए है। सरपंच ने गांव के तलाटी चेतन भोये के साथ अमरेश बुधेर से मुलाकात की और पुलिस शिकायत की चेतावनी दी। इसके बाद बुधेर ने माफी मांगी और गांववालों को दोबारा पानी लेने की अनुमति दे दी। पंचायत अधिकारियों का कहना है कि अब स्थिति सामान्य है और लोगों को नियमित रूप से पानी मिल रहा है।

बीजेपी विधायक ने घटना की आलोचना की

तबडमाल फलिया के निवासी भारत सुरम ने बताया कि महिलाओं को पहाडी रास्तों से दूर जाकर पीने का पानी लाना पडा। उनका कहना है कि गांववालों ने तुरंत स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की थी। इस बीच कपराडा से बीजेपी विधायक जितु चौधरी ने भी घटना को गलत बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अमरेश बुधेर को स्पष्ट रूप से समझाया कि ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। विधायक के अनुसार, बाद में बुधेर ने पार्टी के निर्देश माने और ग्रामीणों को पानी लेने दिया। हालांकि, इस पूरे विवाद ने पंचायत चुनाव के बाद गांवों में बढते राजनीतिक तनाव और बुनियादी सुविधाओं पर उसके असर को लेकर नई बहस छेड दी है।