
गुरमीत राम रहीम (फोटो- Dr Nimo Yadav 2.0 एक्स पोस्ट)
रेप का दोषी डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। राम रहीम को कोर्ट से 40 दिन की पैरोल मिली है, जिसकी शुरुआत सोमवार यानी आज से हो गई है। राम रहीम को 2017 से अपनी दो शिष्याओं से रेप करने के मामले में दोषी ठहराया गया था और कोर्ट ने उसे 20 साल की सजा सुनाई थी। रेप जैसे घिनौने अपराध में सजा सुनाए जाने के बावजूद राम रहीम को कोर्ट से कई बार पैरोल मिल चुकी है। यह 15वीं बार है जब वो जेल से बाहर आया है।
इससे पहले अगस्त 2025 में वह 40 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसके अलावा अप्रैल 2025 में भी राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी। 5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जनवरी 2025 में भी राम रहीम 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसी तरह 2024 में 5 अक्टूबर को हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले 1 अक्टूबर को राम रहीम 20 दिनों के लिए जेल से बाहर आया था। इससे 2 महीने पहले अगस्त 2024 में ही राम रहीम को 21 दिनों की पैरोल मिली थी।
इसके अलावा 2022 में पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक दो हफ्ते पहले 7 फरवरी को भी राम रहीम को जेल से तीन हफ्तों की छुट्टी मिली थी। इसके अलावा भी राम रहीम कई बार जमानत पर जेल से बाहर आ चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जैसे सिख संगठन कई बार राम रहीम को कोर्ट से मिलने वाली राहत की आलोचना कर चुके हैं। लेकिन सामाजिक संगठनों के विरोध के बावजूद राम रहीम को कोर्ट से राहत मिलती रही है और अब वह 15वीं बार फिर से जेल से बाहर आ गया है।
अब तक 14 बार जब भी वो जेल से बाहर आया है उसने अपना अधिकतर समय उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित अपने डेरा आश्रम में बिताया है। इस बार रोहतक की सुनारिया जेल से निकलकर वह सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय जाएगा। डेरा प्रवक्ता और वकील जितेंद्र खुराना ने बताया कि वह अगले 40 दिन यहीं बिताएगा। बता दें कि रेप के अलावा राम रहीम को 2019 में एक हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया था। यह मामला 16 साल पहले हुई एक पत्रकार की हत्या से जुड़ा था। इसमें राम रहीम के अलावा दो अन्य लोग दोषी पाए गए थे।
इन दोनों मामलों के अलावा एक CBI कोर्ट ने राम रहीम और चार अन्य लोगों को एक अन्य हत्या के मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला 2002 में हुई रणजीत सिंह की हत्या से जुड़ा था, जो कि डेरा सच्चा सौदा के पूर्व मैनेजर थे। लेकिन 2024 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट का मानना था कि इस मामले की जांच संदेहपूर्ण और अधूरी थी।
Updated on:
05 Jan 2026 07:04 pm
Published on:
05 Jan 2026 04:50 pm
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