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Jaipur Delhi Highway Traffic Jam: NH-48 पर हाईटेंशन तार गिरा, जयपुर-दिल्ली हाईवे पर घंटों जाम

NH-48 High Tension Wire: सफर पर निकलने से पहले पढ़ लें यह खबर! एनएच-48 पर अचानक टूटे हाईटेंशन तार ने रफ्तार की लाइफलाइन को पूरी तरह ठप कर दिया। दिल्ली-जयपुर के बीच सफर करने वाले लोग घंटों तक जहां-तहां फंसे रहे।
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भारत

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Manoj Vashisth

Jul 18, 2026

High-Tension Wire Falls on NH-48

High-Tension Wire Falls on NH-48 : हाईटेंशन लाइन टूटने से दिल्ली-जयपुर सफर हुआ बेपटरी

Delhi Jaipur Road Jam: अगर आप दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे (NH-48) से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए। आज इस व्यस्ततम हाईवे पर उस समय हड़कंप मच गया जब अचानक एक हाईटेंशन (High-Tension) बिजली का तार टूटकर सीधे सड़क पर आ गिरा। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद सुरक्षा के लिहाज से दोनों तरफ के ट्रैफिक को तुरंत रोक दिया गया, जिसके चलते हाईवे पर देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। वीकेंड और काम-काज के चलते हजारों मुसाफिर घंटों तक भीषण गर्मी और उमस के बीच सड़कों पर रेंगने को मजबूर हो गए।

मौके पर मची अफरा-तफरी, बिजली विभाग की टीम तैनात

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तार गिरते ही तेज चिंगारियों के साथ जोरदार आवाज हुई, जिससे वाहन चालकों में डर का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि तार सीधे किसी गाड़ी पर नहीं गिरा, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। सबसे पहले बिजली आपूर्ति को कटवाया गया ताकि कोई बड़ा करंट न फैले। इसके बाद युद्धस्तर पर तार को हटाने और मरम्मत का काम शुरू किया गया।

क्यों बार-बार सुलगते हैं हाईवे पर ऐसे खतरे?

यह कोई पहली बार नहीं है जब देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक, एनएच-48 पर इस तरह की लापरवाही या हादसा सामने आया हो। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मौसम में तेज हवाओं और मेंटेनेंस की कमी के कारण अक्सर बिजली के ढीले तार हादसों को दावत देते हैं।

इसके अलावा, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आए दिन होने वाले जलभराव, कंस्ट्रक्शन के काम और भारी वाहनों के दबाव के कारण भी अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों की मांग है कि हाईवे के ऊपर से गुजरने वाली सभी हाईटेंशन लाइनों को या तो अंडरग्राउंड किया जाए या फिर उनकी सुरक्षा के लिए मजबूत नेटिंग (जाल) लगाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे खतरों से बचा जा सके।

फिलहाल, पुलिस प्रशासन क्रेन की मदद से फंसे हुए वाहनों को धीरे-धीरे निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ घंटों का समय और लग सकता है।

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