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हिमाचल में वित्तीय संकट का असर, सीएम सहित मंत्रियों और अधिकारियों के वेतन में कटौती

Himachal CM Salary Cut Budget 2026: हिमाचल में वित्तीय संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला। सीएम, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के वेतन में कटौती, 6 माह तक लागू रहेगा निर्णय। इन कर्मचारियों को राहत।

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शिमला

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Rahul Yadav

Mar 22, 2026

Himachal CM Salary Cut Budget 2026

Sukhvinder Singh Sukhu (Image Source: ANI)

Himachal CM Salary Cut Budget 2026: हिमाचल प्रदेश की बिगड़ती वित्तीय स्थिति का असर अब सीधे सरकार और प्रशासनिक ढांचे पर दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में अस्थायी कटौती का ऐलान किया है। यह कदम राज्य की आर्थिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

छह माह तक लागू रहेगी व्यवस्था

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में इस निर्णय की घोषणा की है। सरकार के अनुसार, यह व्यवस्था फिलहाल छह महीने के लिए लागू रहेगी। अगर इस दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है, तो इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाएगा और स्थगित वेतन जारी किया जा सकता है।

किसके वेतन में कितनी कटौती

बजट में दी गई जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री के वेतन में 50 प्रतिशत, मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी। वहीं, प्रशासनिक, पुलिस, वन और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा अस्थायी रूप से रोका जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है।

कर्मचारियों के एक वर्ग को राहत

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह निर्णय सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों को इस कटौती से बाहर रखा गया है, ताकि निचले स्तर के कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ न बढ़े। इससे संकेत मिलता है कि सरकार ने निर्णय लेते समय सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा है।

बजट पर दिखा आर्थिक दबाव

राज्य की वित्तीय स्थिति का असर बजट के आकार पर भी साफ दिखा है। जानकारी के अनुसार, इस साल का बजट पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 3586 करोड़ रुपये कम है। इससे साफ है कि सरकार राजस्व और खर्च के बीच संतुलन बनाने के लिए सख्त कदम उठा रही है।

आर्थिक सुधार की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला अस्थायी है और जैसे ही राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, वेतन कटौती से जुड़े प्रावधानों को खत्म कर दिया जाएगा। फिलहाल सरकार का फोकस वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और जरूरी विकास कार्यों को जारी रखने पर है।