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हिमाचल प्रदेश में पंचायतों का पुनर्गठन, चुनाव आयोग से टकराव के बीच आया सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला

Himachal Panchayat Election: आगामी पंचायत चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन और परिसीमन को मंजूरी दे दी, जबकि चुनाव आयोग पहले ही इस पर रोक लगा चुका है।

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Sukhvinder Singh Sukhu

सुखविंदर सिंह सुखू (Photo-IANS)

Election Commission: हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर सुक्खू सरकार और राज्य चुनाव आयोग के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनाव आयोग की रोक के बावजूद हिमाचल सरकार ने सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में नई पंचायतों के गठन और परिसीमन को मंजूरी दे दी।

हिमाचल सरकार का कहना है कि ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन तथा परिसीमन राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए सरकार इस पर फैसला ले सकती है। पंचायतों के परिसीमन और पुनर्गठन की अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी, जिसमें इस प्रक्रिया के पूरा होने का समय-सारणी भी दी जाएगी। यह पूरा विवाद फिलहाल हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में विचाराधीन है और कोर्ट के अंतिम आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

जानें पंचायती राज मंत्री ने क्या कहा

पंचायत चुनाव में देरी और कैबिनेट के फैसले पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि पंचायत चुनाव तय समय पर ही होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी डिजास्टर एक्ट लागू है और पंचायत पुनर्गठन का मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए अभी कुछ निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।
राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कैबिनेट मीटिंग की ब्रीफिंग में कहा कि प्रदेश में डिजास्टर एक्ट लागू होने के कारण पंचायती चुनाव की तारीख भी इसी के आधार पर तय होगी।

पंचायतों का पुनर्गठन

पंचायतों के पुनर्गठन के तहत ग्रामीण स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की सीमाओं, संरचना और कार्यों को फिर से निर्धारित किया जाता है। इसका उद्देश्य शासन में सुधार, प्रभावी सेवा वितरण और बदलती जनसांख्यिकी एवं प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप ढांचा तैयार करना है। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि यह प्रक्रिया 12 दिसंबर 2025 से शुरू होगी, जिससे नई पंचायतों के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे पंचायत चुनाव की तारीख आगे बढ़ने की संभावना है।

BJP का सरकार पर आरोप

पंचायत चुनाव की तारीख नजदीक आने के बावजूद हाईकोर्ट की रोक के बाद भी सरकार नई पंचायतों का गठन और परिसीमन करने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है और आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार जानबूझकर बहाने बनाकर चुनाव टालना चाहती है ताकि हार के डर से चुनाव में देरी की जा सके।

पंचायत चुनाव की तय समय-सीमा

राज्य में 3,500 से अधिक ग्राम पंचायतों के चुनाव दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच प्रस्तावित हैं। चुनाव कराने की अंतिम तारीख 23 जनवरी 2026 है और राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
17 नवंबर को राज्य चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता की धारा 12.1 लागू करते हुए सरकार को ग्राम पंचायतों या शहरी स्थानीय निकायों के परिसीमन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। इसके बावजूद कैबिनेट ने परिसीमन को मंजूरी देकर चुनाव आयोग के साथ सीधा टकराव मोल ले लिया है।