
Himachal Pradesh Budget: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने शनिवार को 10,784 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे के साथ 2024-25 के लिए 58,444 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इसके साथ ही सीएम सुक्खू ने कर्मचारियों के लिए चार प्रतिशत महंगाई भत्ते और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की योजना की घोषणा की है। बजट का फोकस राज्य के मुख्य आधार कृषि, बागवानी और डेयरी क्षेत्रों को मजबूत करने पर था। दैनिक वेतन 375 रुपए से बढ़ाकर 400 रुपए कर दिया गया है, आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 12 हजार रुपए मिलेगा।
विधायक विकास निधि को बढ़ा
विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि को 2.10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2.20 करोड़ रुपए कर दिया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान विधायक प्राथमिकताओं की सीमा 175 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 195 करोड़ रुपए और विधायक विवेकाधीन अनुदान 13 से 14 लाख रुपए कर दी गई है।
वेतन और पेंशन आदेश किए जारी
सीएम सुक्खू ने कहा कि जैसे ही उनकी सरकार ने कार्यभार संभाला, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल कर दी गई। कुल 1,15,000 कर्मचारी पहले ही ओपीएस का विकल्प चुन चुके हैं। ओपीएस में आए सभी कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) सदस्यता प्राप्त हुई है। लगभग 5,000 कर्मचारी जो एनपीएस से ओपीएस में स्थानांतरित हो गए हैं, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद ओपीएस के अनुसार वेतन और पेंशन आदेश (पीपीओ) जारी किए गए हैं।
कर्ज के रूप में देनदारियां बढ़कर की 87,788 करोड़
वित्तीय विवेक के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए सुक्खू, जिन्होंने अपना दूसरा बजट पेश किया, ने कहा कि सरकार को पिछली सरकार से विरासत में मिली प्रतिकूल वित्तीय स्थिति सभी को पता है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार पिछली सरकार द्वारा किए गए वित्तीय कुप्रबंधन और फिजूलखर्ची के कारण कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पिछले दिनों गलत नीतियों के कारण कर्ज के रूप में कुल देनदारियां बढ़कर 87,788 करोड़ रुपए हो गई हैं। कुल ऋण देनदारियां 2018 में 47,906 करोड़ रुपए से बढ़कर 2023 में 76,651 करोड़ रुपए हो गई हैं।
Published on:
17 Feb 2024 06:58 pm
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