
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Photo - ANI)
West Bengal elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। ऐसे में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मतदान से पूर्व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी "विभाजनकारी और सांप्रदायिक" टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।
हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने सोशल मीडिया 'एक्स' पोस्ट में कहा, 'बंगाल को अब बचाने की ज़रूरत है! ममता दीदी का यह कहना कि बंगाल के हिंदू एक खास समुदाय से सिर्फ इसलिए सुरक्षित हैं क्योंकि वह मुख्यमंत्री हैं, न सिर्फ चिंताजनक है, बल्कि बेहद खतरनाक, विभाजनकारी और सांप्रदायिक भी है। एक मौजूदा मुख्यमंत्री का यह दावा करना कि लोग सिर्फ उन्हीं की वजह से 'सुरक्षित' हैं, और एक समुदाय से डर का संकेत देना, शासन की पूरी तरह से विफलता है। बंगाल की जमीनी हकीकत को दर्शाता है कि कैसे जनसंख्या परिवर्तन ने उस जमीन को निगल लिया है, जो कभी 'शोनार बांग्ला' हुआ करती थी।'
भाजपा की जीत पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा, 'दीदी के बयान से भाजपा की कही बात की पुष्टि होती है कि टीएमसी के शासन में बंगाल तुष्टीकरण, दंगे, गुटबंदी, हिंसा, संदेशखाली शैली के अत्याचार और आम जनता के भय का अड्डा बन गया है। बंगाल इस कुशासन से तंग आ चुका है। यहां कानून का शासन होना चाहिए। 2026 में भय का अंत होगा। वास्तविक परिवर्तन आने वाला है।'
आज सुबह तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा की "बंगाल को अलविदा' वाली टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए विपक्षी पार्टी पर राज्य को तोड़ने की इच्छा रखने का आरोप लगाया।
भाजपा ने 4 मई को चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाहर निकलते हुए एक ग्राफिक साझा किया था, जिस पर लिखा था, 'बंगाल को अलविदा।' टीएमसी ने इस सोशल मीडिया पोस्ट को पश्चिम बंगाल की संस्कृति और भाषा के लिए खुला खतरा बताया है और आरोप लगाया है कि भाजपा राज्य के लोगों को एकरूप करना चाहती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में टीएमसी ने भाजपा के खिलाफ 'बांग्ला-बिरोधी' वाले कटाक्ष को दोहराया। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होने और वोटों की गिनती 4 मई को होने के बीच टीएमसी और भाजपा के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच सामने आया है।
चुनाव के पहले चरण के मतदान में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ। TMC लगातार चौथी जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं भाजपा 2021 के चुनावों में 77 सीटों के बेहतर प्रदर्शन के बाद इस बार सत्ता में आने का प्रबल दावेदार है।
Updated on:
28 Apr 2026 03:53 pm
Published on:
28 Apr 2026 03:51 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
