
गुरुवार से दिल्ली में बदलेगा मौसम (IANS)
Delhi Monsoon Update: दिल्ली में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार से मौसम का मिजाज बदलने लगेगा और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं संडे को दिल्ली में रियल फील यानी महसूस होने वाला तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।
रविवार को राजधानी के कई इलाकों में हीटवेव जैसे हालात देखने को मिले। हवा में नमी (Humidity) अधिक होने के कारण हीट इंडेक्स (Heat Index) पूरे दिन बेहद ऊंचा बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर 2:30 बजे हीट इंडेक्स 50 डिग्री सेल्सियस, शाम 5:30 बजे 50.7 डिग्री सेल्सियस और रात 11:30 बजे भी 49.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रविवार को दिल्ली का वेट-बलब तापमान भी सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। दोपहर 2:30 बजे यह 28.1 डिग्री सेल्सियस और शाम 5:30 बजे 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वेट-बलब तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाए तो लंबे समय तक खुले में काम करना बेहद कठिन हो जाता है। वहीं 35 डिग्री सेल्सियस पर मानव शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है, जिससे हीट स्ट्रोक और बेहोशी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसके बाद मौसम में बदलाव शुरू होगा।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना के चलते गर्मी से राहत मिलेगी।
दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक था। वहीं लोधी रोड केंद्र पर तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.1 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक रहा।
आईएमडी के अनुसार, अगर किसी क्षेत्र में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो और सामान्य से कम-से-कम 4.5 डिग्री अधिक दर्ज किया जाए, या लगातार दो दिनों तक कम-से-कम दो मौसम केंद्रों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाए, तो उसे हीटवेव माना जाता है। अगर तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री या उससे अधिक बढ़ जाए, तो उसे भीषण हीटवेव घोषित किया जाता है।
रविवार शाम दिल्ली के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी चली। पालम मौसम केंद्र पर शाम 5:25 बजे हवा की अधिकतम रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। वहीं पूसा में 56 किलोमीटर प्रति घंटा और सफदरजंग में 32 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम हवा की गति रिकॉर्ड की गई।
स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार नमी पहुंचा रही हैं। यही वजह है कि तापमान के साथ-साथ आर्द्रता भी बढ़ी हुई है, जिसके कारण लोगों को सामान्य से कहीं अधिक गर्मी महसूस हो रही है।
आईएमडी ने मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार शनिवार तक दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं।
आमतौर पर दिल्ली में मानसून 27 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि राजधानी में मानसून 4 जुलाई के बाद दस्तक दे सकता है। महेश पलावत के मुताबिक, 2 या 3 जुलाई के आसपास दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है, हालांकि उमस फिलहाल बनी रहने की संभावना है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार मानसून की रेखा रविवार को सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही थी। अगले तीन से चार दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और उत्तराखंड में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है।
Updated on:
29 Jun 2026 10:37 am
Published on:
29 Jun 2026 09:26 am
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