
कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख बीके हरिप्रसाद (फाइल फोटो)
Operation Sindoor: विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि संसद में यह कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई, लेकिन बाद में छह जवानों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दर्ज होने से सरकार के बयान पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अब रक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 2025 में संसद के भीतर स्पष्ट रूप से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी भारतीय सैनिक की मौत नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में सरकार द्वारा छह जवानों के नाम सार्वजनिक करना और उन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शामिल करना इस बयान के विपरीत है। हरिप्रसाद ने कहा कि अगर संसद को राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर गलत जानकारी दी गई है तो जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश के शहीदों को सम्मान और सच्चाई मिलनी चाहिए, विरोधाभासी बयान नहीं।
बता दें कि, दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हाल ही में उन छह भारतीय सुरक्षा कर्मियों के नाम अंकित किए गए जिन्होंने मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चले चार दिवसीय ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। इन नामों के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर सैनिकों की शहादत पहले से स्वीकार की गई थी तो संसद में अलग बयान क्यों दिया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट स्पष्टीकरण देना चाहिए ताकि देश के लोगों के सामने पूरी सच्चाई आ सके।
विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्रालय (MoD) ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह जवानों को पहले ही सम्मान दिया जा चुका था और यह कहना गलत है कि उनकी शहादत पहली बार अब सार्वजनिक की गई। मंत्रालय ने बताया कि 11 मई 2025 को आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने इन सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी। साथ ही 14 अगस्त 2025 की प्रेस रिलीज में उन्हें वीरता पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी सार्वजनिक की गई थी। मंत्रालय ने कहा कि देश ने इन जवानों के बलिदान को सर्वोच्च सम्मान के साथ स्वीकार किया है और किसी तरह की जानकारी छिपाने का सवाल नहीं उठता।
Published on:
29 Jun 2026 10:42 am
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