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केतन को धक्का देने के लिए सिया ने चेतन को दिया था ये सीक्रेट सिग्नल, क्राइम सीन रीक्रिएशन में हुआ खुलासा

Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान पुलिस ने दावा किया कि सिया गोयल ने सीक्रेट सिग्नल देकर चेतन चौधरी को धक्का देने का इशारा किया था।
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मुंबई

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Devika Chatraj

•

Updated: 29 Jun 2026, 10:35 AM IST

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Ketan Agrawal Murder Case Crime Scene Recreation: केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस की ओर से कराए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन में कई अहम बातें सामने आई हैं। जांच के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी को पहले से तय एक सीक्रेट सिग्नल देकर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देने का इशारा किया था।

तीन घंटे तक चला क्राइम सीन रीक्रिएशन

संडे सुबह करीब 6:30 बजे पुणे ग्रामीण पुलिस सिया गोयल को कड़ी सुरक्षा के बीच लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। यहां करीब तीन घंटे तक पूरी घटना को दोबारा दोहराया गया। पुलिस ने वारदात के दौरान आरोपियों की स्थिति, उनके आने-जाने का रास्ता और पूरी घटना के क्रम की जांच की। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि इस रीक्रिएशन का मकसद यह समझना था कि घटना कैसे हुई और दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी। पुलिस जल्द ही चेतन चौधरी को भी मौके पर ले जाकर अलग से क्राइम सीन रीक्रिएशन कराएगी।

क्या था सिया का सीक्रेट सिग्नल?

जांच के दौरान पुलिस ने केतन अग्रवाल की लंबाई और वजन के बराबर एक डमी का इस्तेमाल किया। इसी दौरान सिया ने बताया कि हत्या की योजना के तहत उसका बैठना ही चेतन के लिए इशारा था। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही सिया बैठती, चेतन पीछे से आता और बिना किसी शक के केतन को खाई में धक्का दे देता। जांच में यह भी सामने आया कि सिया पानी पीने या जूते के फीते बांधने का बहाना बनाकर बैठने वाली थी, ताकि किसी को उन पर शक न हो।

सिया की सुरक्षा भी थी योजना का हिस्सा

पुलिस का कहना है कि इस योजना में सिया की सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया था। आरोपियों को डर था कि अगर धक्का देने के दौरान केतन खुद को बचाने के लिए सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसलिए सिया को पहले से सुरक्षित दूरी पर बैठने का प्लान बनाया गया था।

टोल प्लाजा से बचने के लिए स्कूटर से पहुंचा चेतन

जांच में यह भी पता चला कि चेतन चौधरी पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहागढ़ किले तक कार से नहीं, बल्कि स्कूटर से गया था। पुलिस के अनुसार, उसे डर था कि अगर वह कार से जाता तो टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों में उसकी गाड़ी रिकॉर्ड हो जाती। इसी वजह से उसने स्कूटर चुना। पुलिस ने वह स्कूटर भी जब्त कर लिया है। वारदात के बाद भी वह उसी स्कूटर से वापस पुणे लौट गया।

चेतन ने पहचान छुपाने के लिए अपनाया ये तरीका

जांच अधिकारियों के मुताबिक, चेतन अपनी पहचान छिपाने के लिए हूडी पहनकर किले पहुंचा था। ऊपर पहुंचने के बाद उसने हूडी उतार दी और काले रंग की टी-शर्ट पहनकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद उसने फिर से हूडी पहन ली और वहां से निकल गया।

हत्या से पहले की थी रेकी और प्रैक्टिस

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन हत्या से पहले भी लोहागढ़ किले गए थे। दोनों ने पहले ऐसी जगह तलाश की, जहां से केतन को आसानी से खाई में धक्का दिया जा सके। इतना ही नहीं, पुलिस का दावा है कि दोनों ने वारदात से पहले वहां प्रैक्टिस भी की थी। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि उन्होंने अभ्यास किले के किस हिस्से में किया था।

आज कोर्ट में पेश होंगे दोनों आरोपी

आज (सोमवार) को दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड खत्म हो रही है। ऐसे में पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी और आगे की पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी। पूछताछ के दौरान सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। उसका कहना था कि अगर वह रिश्ता तोड़ती, तो परिवार में विवाद हो सकता था। इसी वजह से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

सिया के वकील ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल

सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने क्राइम सीन रीक्रिएशन और पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में आरोपी द्वारा दिया गया कथित कबूलनामा अदालत में सीधे सबूत के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि अगर अभियोजन पक्ष के पास कोई स्वतंत्र और पुख्ता सबूत हैं, तो उन्हें अदालत में पेश करना होगा। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और अभी तक पुलिस ने चार्जशीट दाखिल नहीं की है। ऐसे में आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।