
Independence Day 2021: देशभर में लोग स्वतंत्रता दिवस ( Independence Day ) गर्मजोशी के साथ मना रहे हैं। आज से 75 साल पहले 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आज के ही दिन पहली बार देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आजादी ( Independence ) की मांग की थी। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रास बिहारी बोस, कृष्ण मेनन, सुभाष चंद्र बोस और जवाहरलाल नेहरू ने 30 अगस्त 1928 को भारतीय स्वतंत्रता लीग ( Indian Independence League ) की भारत में स्थापना की थी। इस लीग का मकसद भारत को ब्रिटिश साम्राज्य से पूरी आजादी दिलाना और भारत को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्थापित करना था।
ये था IIL का मकसद
भारतीय स्वतंत्रता लीग ( IIL ) 1920 के दशक से 1940 के दशक तक चला राजनीतिक संगठन था। इसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों को भारत में ब्रिटिश राज ( British Rule ) हटाने के लिए प्रेरित करना था। यह संगठन दक्षिण पूर्व एशिया एवं मुख्य भूमि से अलग भारतीय क्षेत्रों में आधारित रहा। ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से भारत को हटाने के लिए भारत के बाहर रहने वाले निवासियों को एकजुट करने के मकसद से इंडियन इंडिपेंडेंस लीग की स्थापना की गई थी। संगठन की स्थापना 1928 में सराहनीय भारतीय राष्ट्रवादियों ने की थी। प्रारंभ में इसकी स्थापना दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न हिस्सों के लिए हुई थी। राष्ट्रवादियों का यह समूह बाद में जापान मे भी फैला।
आईआईएल को जापान से मिला समर्थन
इंडियन इंडिपेंडेंस लीग ( Indian Independence League ) की शुरुआत भारतीय राष्ट्रवाद का पोषण करने और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन ( Indian National Movement ) के लिए जापानी समर्थन प्राप्त करने के लिए हुई थी। जापान सरकार से IIL ने बातचीत की। इसके टूटने से पहले मोहन सिंह के तहत पहली भारतीय राष्ट्रीय सेना की कमान संभाल ली थी। दक्षिण-पूर्व एशिया में आने के बाद सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में संघ का गठन हुआ। दूसरी तरफ जापान ने दक्षिण-पूर्व एशिया पर कब्जा कर लिया था। बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय जापानी कब्जे में आ गए थे। मौके की नजाकत को देखते हुए भारतीय राष्ट्रवादियों का यह समूह भारतीय स्वतंत्रता लीग में शामिल होने लगे। इस प्रकार वे स्थानीय भारतीय आबादी और जापानी व्यवसाय बल के बीच प्रचलित मध्यवर्ती संगठन बन गए।
भारत को आजाद कराने में निभाई अहम भूमिका
जापान सरकार से सहयोग हासिल करने के बाद इंडियन इंडिपेंडेंस लीग ( IIL )ने भारतीय आबादी से समर्थन प्राप्त किया। उसके बाद जापान सरकार के सहयोग से आजादी की मुहिम को आगे बढ़ाने का काम किया और ब्रिटिश सरकार पर दबावा बनाया। इस प्रयास में लीग के सदस्यों को बहुत हद तक सफलता भी मिली। आईआईएल के योगदान को देखते हुए 1972 में केंद्र सरकार स्वाथ्य सैनिक सम्मान पेंशन योजना लाई। इस योजना के तहत आईआईएल के स्वतंत्रता सेनानियों को भी पेंशन प्राप्त करने का हकदार माना।
Updated on:
15 Aug 2021 05:20 pm
Published on:
15 Aug 2021 04:53 pm
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