
india give reaction on illegal occupation of china on lac
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा पर करीब एक साल से विवाद जारी है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई चरणों की बैठक भी हुई, लेकिन मसले का कोई हल नहीं निकल सका। वहीं सीमा पर चीन की गतिविधियां लगातार जारी हैं। कहीं वो सीमा पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर रहा है तो कभी ड्रोन से सीमा पर निगरानी करने लगता है।
अवैध कब्जे नहीं स्वीकार
अब अमेरिकी रक्षा विभाग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीमा पर चीन निर्माण कार्य कर रहा है। इसका संज्ञान लेते हुए भारत ने चीन को सख्त हिदायत दी है। भारत का कहना है कि एलएसी पर किसी तरह का अवैध कब्जा कतई स्वीकार किया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि चीन ने दशकों से अवैध कब्जे वाले इलाके और सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियां की हैं। बागची का कहना है कि भारत ने इस तरह के अवैध कब्जे को न पहले कभी स्वीकार किया है और न ही चीन के अनुचित दावों को स्वीकार किया है।
रिपोर्ट में किया गया ये दावा
दरअसल, हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर एक गांव बसा लिया है। रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया कि चीन की यह निर्माण गतिविधि सीमा के उस इलाके में हैं, जिसे चीन ने 1959 में अपने कब्जे में ले लिया था। वहीं इससे उलट खबरें ऐसी भी हैं कि चीन ने यह निर्माण उस इलाके में किया है, जहां 1959 में पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के सीमान्त क्षेत्र में एक अभियान में असम राइफल्स की चौकी पर हमले के बाद कब्जा कर लिया था।
गौरतलब है कि बीते कई दिनों से सीमा पर चीन की ओर से गतिविधियां जारी हैं। भारत भी चीन की हरकतों पर नजर बनाए हुए है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि चीन सीमा के भीतर घुसपैठ कर रहा है और भारत उसकी इस हरकत का जवाब क्यों नहीं दे रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर आए दिन पीएम मोदी पर निशाना साधते रहते हैं।
Published on:
11 Nov 2021 08:05 pm
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