script Bank loan defaulters in India: सिर्फ 2623 लोग डकार गए बैंकों के 1.96 लाख करोड़ रुपए | India has 2623 Loan Defaulters they owe Rupes 1.96 lakh crore to bank | Patrika News

Bank loan defaulters in India: सिर्फ 2623 लोग डकार गए बैंकों के 1.96 लाख करोड़ रुपए

locationनई दिल्लीPublished: Dec 06, 2023 08:46:57 am

wilful defaulters in India: आम जनता को बैंकों से लोन लेने के लिए बहुत भागदौड़ करनी पड़ती है। अगर लोन मिल जाए और एक किस्त जमा होने से चूक जाए तो बैंक वाले उनका जीना मुश्किल कर देते हैं लेकिन बैंकों ने 5 साल में 10 लाख करोड़ से अधिक के कर्ज बट्टे खाते में डाला है।

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Bad Credit Score: आम लोगों को बैंक से लोन लेने के लिए तमाम पापड़ बेलने पड़ते हैं। इसके बाद यदि आपकी एक किस्त भी चूक जाए तो बैंक जीना मुश्किल कर देते हैं। आपका क्रेडिट स्कोर खराब करके आगे के लिए मुसीबतें खड़ी कर देते हैं। मगर देश में ऐसे 2623 ऐसे लोग हैं जिन्होंने विभिन्न बैंकों का 1.96 लाख करोड़ रुपए हजम कर लिया और डकार भी नहीं ली। इन विलफुल डिफॉल्टर्स से पैसा निकालने में बैंक अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं। इन 2623 विलफुल डिफॉल्टर्स के पास बैंकों के 5 करोड़ या इससे ज्यादा रुपए फंसे हैं।

बड़े औद्योगिक घरानों पर 50% कर्ज

सरकार ने लोकसभा में बताया है कि सभी वाणिज्यिक बैंकों ने पिछले 5 साल में करीब 10.6 लाख करोड़ रुपए का कर्ज राइट ऑफ किया है यानी बट्टे खाते में डाल दिया है। राइट ऑफ किए गए कर्ज में से करीब 50% कर्ज बड़े औद्योगिक घरानों के हैं। वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने बताया कि आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक एनपीए के चार साल पूरा होने पर डूबे कर्ज को पूर्ण प्रावधान (फुल प्रोविजनिंग) करके बट्टे खाते में डालकर बैंक के बैलेंस शीट से हटा दिया जाता है।
20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के फ्रॉड

बीते 5 साल में बैंकों में 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के फ्रॉड के मामले सामने आए हैं। सरकार ने संसद में बताया है कि पिछले 5 साल में बैंक धोखाधड़ी के 782 मामले सामने आए हैं। भागवत कराड ने कहा है कि ईडी ने एक जनवरी 2019 से एक अक्टूबर 2023 के बीच पीएमएलए (धनशोघन) कानून के अंतर्गत बैंक धोखाधड़ी के 782 मामलों की जांच की है। बैंक धोखाधड़ी के खिलाफ की गई कार्रवाई में 20,398 करोड़ रुपए की राशि जब्त की गई है। साथ ही 74 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

विलफुल डिफॉल्टर क्या होता है?

इस प्रस्‍ताव में केंद्रीय बैंक (RBI) ने वैसे लोगों को विलफुल डिफॉल्‍टर्स के तौर पर परिभाषित किया है जिनके पास 25 लाख रुपये या उससे ज्‍यादा का बैंक का लोन बकाया हो और इसे चुकाने में सक्षम होने के बावजूद वो जानबूझकर कर्ज नहीं चुका रहे हों उन्हें विलफुल डिफॉल्टर कहा जाता है। भारत में विलफुल डिफॉल्टर्स यानी जान-बूझकर बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने वालों (विलफुल डिफॉल्टर्स) का बकाया मार्च 2022 के मुकाबले मार्च 2023 तक करीब 50 हजार करोड़ रुपए बढ़ गया। मार्च 2022 में ऐसी रकम 14,899 खातों में 3,04,063 करोड़ रुपए थी, जो मार्च 2023 तक 16,883 खातों में 3,53,874 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।

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