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5 नहीं 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा भारत, इस वर्ष तक कई देश छूट जाएंगे पीछे, वित्त मंत्रालय का बड़ा बयान

वित्त मंत्रालय ने 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट से पहले भारतीय अर्थव्यवस्था की समीक्षा में कहा कि देश अगले तीन वर्षों में 5 लाख करोड़ डॉलर के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

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वित्त मंत्रालय ने अंतरिम बजट (1 फरवरी) से कुछ दिन पहले भारतीय अर्थव्यवस्था की समीक्षा में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के अगले तीन वर्षों में 5 खरब डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। यह आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा तैयार किया गया भारत का आर्थिक सर्वेक्षण नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि यह आम चुनाव के बाद पूर्ण बजट से पहले आएगा।

बता दें कि दस साल पहले, मौजूदा बाजार कीमतों पर 1.9 खरब डॉलर की जीडीपी के साथ भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। समीक्षा में कहा गया कि आज कोरोना संकट के बावजूद व्यापक असंतुलन और टूटे वित्तीय क्षेत्र वाली अर्थव्यवस्था विरासत में मिलने के बावजूद यह 3.7 खरब डॉलर (अनुमानित वित्तीय वर्ष 24) की जीडीपी के साथ पांचवां सबसे बड़ा है।


7 फीसदी से अधिक रहेगी ग्रोथ रेट

घरेलू मांग की मजबूती ने पिछले तीन वर्षों में अर्थव्यवस्था को 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर तक पहुंचा दिया है। घरेलू मांग, यानी निजी खपत और निवेश में जो मजबूती देखी गई है, उसकी उत्पत्ति पिछले दस वर्षों में सरकार के लागू सुधारों और उपायों से होती है। बुनियादी ढांचे - भौतिक और डिजिटल - में निवेश और विनिर्माण को बढ़ावा देने के उपायों से आपूर्ति पक्ष को भी मजबूत किया गया है।

ये मिलकर देश में आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान कर रहे हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इसके अनुसार वित्तवर्ष 2025 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7 प्रतिशत के करीब रहने की संभावना है। रिपोर्ट में बताया गया कि इंफ्लेशन गैप और एक्सचेंज रेट के संबंध में सही अप्रोच के तहत भारत अगले छह-सात साल में (2030 तक) सात लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है।