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सेना को स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम भार्गवास्त्र का डेमो मिला, ड्रोन हमलों से सुरक्षा में बड़ा कदम

Indian Army: भारतीय सेना को स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम भार्गवास्त्र का सफल डेमो दिखाया गया। यह सिस्टम ड्रोन और ड्रोन स्वार्म को पहचानकर माइक्रो रॉकेट, माइक्रो मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के जरिए उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है।
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भारत

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Himadri Joshi

Jul 25, 2026

Bhargavastra counter-drone system

भार्गवास्त्र काउंटर-ड्रोन सिस्टम (फोटो- एएनआई)

Bhargavastra: भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय सेना को नए स्वदेशी काउंटर-ड्रोन सिस्टम भार्गवास्त्र का सफल प्रदर्शन दिखाया गया। यह सिस्टम तेजी से बढ़ रहे हथियारों से लैस ड्रोन और एक साथ हमला करने वाले ड्रोन स्वार्म से निपटने के लिए तैयार किया गया है। नागपुर में हुए इस डेमो के दौरान सिस्टम की निगरानी, पहचान और ड्रोन को निशाना बनाने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इस डेमो को मेक-II कार्यक्रम के तहत आयोजित स्टेटस रिव्यू के दौरान सेना के सामने पेश किया गया।

आधुनिक तकनीक से लैस है भार्गवास्त्र

भार्गवास्त्र एक वाहन पर लगाया गया मोबाइल काउंटर-ड्रोन सिस्टम है। इसमें एक कमांड एंड कंट्रोल वाहन लगाया गया है, जिसमें रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड (EO/IR) सेंसर के साथ पैसिव रेडियो फ्रीक्वेंसी डिटेक्टर भी लगे हैं। इसके साथ एक अलग लॉन्चर वाहन होता है, जिसमें कई लॉन्च ट्यूब मौजूद हैं। डेमो के दौरान सिस्टम ने पहले ड्रोन स्वार्म का पता लगाया, फिर उनकी लगातार निगरानी की। इसके बाद कमांड सिस्टम ने रियल टाइम एयर पिक्चर तैयार की, खतरे की चेतावनी जारी की और लॉन्चर को लक्ष्य सौंपते हुए फायरिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।

दो स्तर पर करता है ड्रोन का मुकाबला

भार्गवास्त्र की सबसे बड़ी खासियत इसका दो स्तर वाला हमला करने का तरीका है। यह पहले बिना गाइड वाले माइक्रो रॉकेट का इस्तेमाल करता है, जिनका प्रभाव क्षेत्र करीब 20 मीटर तक है। इसके बाद जरूरत पड़ने पर प्रिसिजन गाइडेड माइक्रो मिसाइल से 2.5 किलोमीटर तक मौजूद ड्रोन को निशाना बनाया जा सकता है। यह सिस्टम बड़े यूएवी को 10 किलोमीटर और छोटे ड्रोन को 6 किलोमीटर की दूरी से पहचान सकता है। इसके अलावा यह रेगिस्तान से लेकर 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों तक हर तरह की परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया गया है।

सस्ता, स्वदेशी और मौजूदा नेटवर्क से जुड़ने में सक्षम

भार्गवास्त्र केवल मिसाइलों के जरिए हमला नहीं करता, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग जैसी सॉफ्ट-किल तकनीक का भी इस्तेमाल करता है। इससे दुश्मन के ड्रोन को बिना मिसाइल दागे भी निष्क्रिय किया जा सकता है। इस सिस्टम को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है और इसे सेना के मौजूदा नेटवर्क के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है। इसकी एक बड़ी खासियत यह भी है कि कम लागत वाले दुश्मन ड्रोन को गिराने के लिए महंगी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे सेना की लागत भी कम होगी और ड्रोन हमलों के खिलाफ प्रभावी सुरक्षा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के कुछ ही देश इस तरह की माइक्रो मिसाइल तकनीक पर काम कर रहे हैं, लेकिन भार्गवास्त्र जैसा पूरी तरह एकीकृत और वाहन आधारित स्वार्म काउंटर सिस्टम अभी तक कहीं तैनात नहीं किया गया है।