
Know Navy Warship Surat importance: दो शताब्दियों से भी अधिक समय तक समन्दर में उन्नत भारत का उज्जवल चेहरा रह चुका सूरत एक बार फिर वहीं मुकाम हासिल करेगा। नौसेना का नया विद्धवंसक युद्धपोत 'सूरत' समन्दर में अपनी ताकत का लोहा मनवाएगा। सोमवार को सूरत में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल 'सूरत' के युद्ध चिन्ह का अनावरण किया। समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार, वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी (पश्चिमी कमान) व रियर एडमिरल अनिल जग्गी (ऑफिसर कमांडिंग गुजरात) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
यह पहला मौका है जब किसी शहर के नाम पर बने युद्धपोत के युद्धचिन्ह का नौसेना ने उसी शहर में अनावरण करवाया है। इससे पूर्व स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक श्रेणी के तीन युद्धपोतों आईएनएस विशाखापट्टनम, आईएनएस इम्फाल व आईएनएस मोर्मगोआ का निर्माण हो चुका हैं। 2024 के अंत तक आईएनएस सूरत भी नौसेना में शामिल हो जाएगा। इस पर मौके पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने बताया कि पिछले 9 वर्ष से आत्मनिर्भर रक्षा जरूरतों को देश में ही पूरा करने की दिशा में बड़ा काम हुआ है। स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर सेना, नौसेना व वायुसेना सेना की जरूरतों को भारत में ही पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें गुजरात भी अहम भूमिका निभा रहा है। प्रदेश सरकार ने एयरो स्पेस एण्ड डिफेंस पॉलिसी लागू की है। प्रदेश की कई एमएसएमई ईकाइयां रक्षा जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पूरा कर रही है।
सूरत में लगाएंगे प्रतिकृति
नौसेना प्रमुख आर. हरिकुमार ने बताया की नामकरण के जरिए सूरत की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान दिया गया है। एक समय था जब सूरत में इतने बड़े व मजबूत जहाज बनते थे कि सौ वर्ष तक चलते थे। पश्चिमी देश भी सूरत के इस हुनर से आश्चर्य चकित थे। कमीशन होने के बाद संभव हुआ तो आईएनएस सूरत को हजीरा बंदरगाह पर लाएंगे। यदि सूरत महानगर पालिका हमें कोई जगह उपलब्ध करवाएंगी तो हम इसकी प्रतिकृति भी यहां लगाएंगे।
चिन्ह में यह है खास
आईएनएस सूरत के नामकरण के साथ जो चिन्ह बनाया गया है। वह सूरत ही नहीं, गुजरात का प्रतिनिधित्व करता है। इस चिन्ह में सूरत के समुद्ध हजीरा व सुवाली के प्रतीक के रूप में लाइट हाउस की मीनार को लिया गया है। इसके अलावा गुजरात के प्रतीक के रूप में एशियाई सिंह को दर्शाया गया है।
"ड्रग्स तस्करी रोकना हम सबकी जिम्मेदारी"
समुद्र के रास्ते गुजरात में लगातार हो रही ड्रग्स तस्करी को लेकर नौसेना प्रमुख हरिकुमार ने कहा कि इसे रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है। नौसेना ने ड्रग्स कई बड़े खेप स्थानीय एजेन्सियों की मदद से पकड़ी भी है। नशे का काला कारोबार हमारे देश के लिए नहीं, पूरी दुनिया के लिए खतरनाक है। इसे रोकना बेहद जरूरी है। नौसेना इसके लिए हर समय तैयार है।
आईएनएस सूरत एक नजर में
- 7400 टन वजनी
- 163 मीटर लंबाई है
- 56 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार
- 4 इंटरसेप्टर बोट होंगी बेड़े में
- 300 नौसेनिकों रहेंगे तैनात
- 45 दिन तक लगातार पानी में रहने की क्षमता
- ब्रह्मोस, बराक समेत घातक मिसाइलें
- पनडुब्बीरोधी टारपीडो, रॉकेट लांचर समेत कई अत्याधुनिक हथियार
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Published on:
07 Nov 2023 09:47 am
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