
Indian Railway
Indian Railway Trivia: भारतीय रेलवे 1853 में स्थापित दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है, जो भारत के हर कोने को जोड़ता है। भारतीय रेलवे राजधानी (Rajdhnai), शताब्दी (Shatabdi), दुरंतो और वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं सहित यात्री और माल गाड़ियों के अपने बड़े नेटवर्क के माध्यम से सालाना लाखों यात्रियों को सेवा प्रदान करता है। भारतीय रेलवे के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा टिकट बिक्री (Train Ticket) से आता है। ट्रेन टिकट औसतन 46% की छूट पर दिया जाता है। इसके बावजूद, रेलवे प्रणाली सभी यात्री श्रेणियों में भारी सब्सिडी देती है, जिसकी राशि सालाना 56,993 करोड़ रुपये है। यात्री सेवाओं के साथ-साथ माल परिवहन भी एक अन्य महत्वपूर्ण राजस्व सोर्स है।
विभिन्न ट्रेनों में विशेष रूप से KSR बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) सबसे अधिक लाभदायक सेवा के रूप में सामने आई है। नई दिल्ली को बेंगलुरु से जोड़ने वाली इस ट्रेन ने वित्तीय वर्ष 2022-2023 में भारतीय रेलवे के लिए सबसे अधिक राजस्व अर्जित किया। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन और केएसआर बेंगलुरु सिटी जंक्शन के बीच चलने वाली इस ट्रेन ने 509,510 यात्रियों को पहुंचाया और 1,760.67 करोड़ रुपये कमाए।
अन्य राजधानी एक्सप्रेस सेवाओं ने भी रेलवे के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया। नई दिल्ली (New Delhi) और कोलकाता के बीच चलने वाली सियालदह राजधानी एक्सप्रेस ने इसी अवधि के दौरान 509,164 यात्रियों को पहुंचाया। इस ट्रेन से 1,288.17 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इसी तरह नई दिल्ली को असम के डिब्रूगढ़ से जोड़ने वाली डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस ने वित्त वर्ष 2022-2023 में 474,605 यात्रियों को ले जाकर 1,262.91 करोड़ रुपये कमाए। बता दें कि ये ट्रेनें भारतीय रेलवे के समग्र राजस्व मॉडल में प्रीमियम सेवाओं के महत्व को रेखांकित करती हैं, जो देश भर में यात्रियों की जरूरतों को पूरा करते हुए लगातार उच्च रिटर्न देती हैं।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में बजट 2025 पेश करेंगी और कहने की ज़रूरत नहीं है कि सभी की निगाहें भारतीय रेलवे क्षेत्र पर हैं। बजट 2025 में भारतीय रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण, यात्री सेवाओं में सुधार और क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित करने वाले बजट से बहुत उम्मीदें हैं। सुरक्षा, स्थिरता और उन्नत तकनीक की शुरूआत पर जोर देने के साथ, सरकार का लक्ष्य लाखों यात्रियों और माल ढुलाई करने वालों के लिए समग्र रेलवे अनुभव को बेहतर बनाना है। इसके अलावा, बजट में हाई-स्पीड ट्रेनों, नए मार्गों, स्टेशन उन्नयन और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए पर्यावरण पहलों में निवेश की रूपरेखा तैयार करने की उम्मीद है।
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शुरुआती विश्लेषण से पता चलता है कि बजट 2025 का एक बड़ा हिस्सा नई अमृत भारत ट्रेनों, स्टेशनों और बहुत कुछ के लिए आवंटित किया जा सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेलवे का लक्ष्य अगले दो दशकों में 100,000 km नई रेलवे पटरियां बनाना, पांच वर्षों के भीतर 44,000 किलोमीटर में कवच सुरक्षा प्रणाली लागू करना, 50,000 इंजनों को इस तकनीक से लैस करना और तीन वर्षों के भीतर 400 नई वंदे भारत ट्रेनें बनाना है, जिसके लिए अतिरिक्त राजस्व धाराओं की आवश्यकता होगी।
Published on:
09 Jan 2025 07:24 pm
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