
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कैसे हुआ शुरू, भारत में अधिकतर लोगों की मातृभाषा कौन सी है जानें
विश्व मातृभाषा दिवस आज 21 फरवरी को पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। यूनेस्को ने 1999 में आज ही के दिन इसे मनाने का ऐलान किया था। विश्व मातृभाषा दिवस उन बांग्लादेशियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने अपनी मातृभाषा के लिए अपनी जान गंवाई थी। जिन्होंने मातृभाषा के समर्थन में विद्रोह किया था। जिससे नाराज होकर तत्कालीन पाकिस्तान सरकार ने खुलेआम गोलियां बरसाई थीं। जिसमें ढेर सारे मातृभाषा प्रेमी मारे गए। यह उन बांग्लादेशी मातृभाषा प्रेमियों को श्रद्धांजलि है। मातृभाषा के बारे में मन की बात की 86वीं कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी ने एक दिल को छूने वाली बात कही थी, वह कुछ इस तरह है, मां और मातृभाषा मिलकर जीवन को मजबूती देते हैं। कोई भी इंसान अपनी मां और मातृभाषा को न छोड़ सकता है। न ही इसके बगैर तरक्की कर सकता है। अब अगर यह पूछा जाए की भारत की मातभाषा क्या है? तो इस सवाल पर कई लोग अपने कंधें उचका देंगे। वैसे भाषाई जनगणना 2011 के अनुसार, देश में 121 मातृभाषाएं शामिल हैं। संविधान की 8वीं अनुसूची में 22 भाषाओं की सूची शामिल है। देश में 52.8 करोड़ व्यक्ति या 43.6 प्रतिशत आबादी हिंदी भाषा का प्रयोग करती है। और भारत के अधिकतर लोग हिंदी को अपनी मातृभाषा मानते हैं।
बांग्ला भाषा भारत में दूसरे नम्बर की मातृभाषा
अब अगर आंकड़ों पर ही गौर करें तो हिंदी प्रमुख मातृभाषा के रूप में लगातार बढ़ रही है। सन 1971 में 37 प्रतिशत भारतीय लोगों की मातृभाषा हिंदी थी तो 1981 तक 38.74 प्रतिशत पर पहुंची। 1991 में हिंदी बोलने वाले भारतीयों की संख्या बढ़कर 39.29 हुई और 2001 तक पहुंचते.पहुंचते 41.03 प्रतिशत हो गई। फिर साल 2011 के आंकड़ों के अनुसार ये आंकड़ा 43.63 तक पहुंच गया। दूसरे नम्बर पर बांग्ला भाषा आती है। और संस्कृत तो सबसे निचले पायदान पर है।
हिंदी का शब्द हिंदी का नही
एक बेहद रोचक मामला यह है कि, भारत में 43.6 प्रतिशत आबादी की मातृभाषा हिंदी है। पर हिंदी का शब्द हिंदी का नही है। यह फारसी शब्द से निकला है। दूसरी बात हिंदी ढेर सारे लोगों के बोलने के बावजूद भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है। हिंदी भारत की राजभाषा है। मतलब राजभाषा वह भाषा होती है, जिसका इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों और सरकारी कामकाज में होता है। राष्ट्रभाषा वह भाषा है जिसका किसी देश में सबसे अधिक प्रयोग होता है। और यह देश की आधिकारिक भाषा होती है।
मातृभाषा दिवस की थीम
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2023 की थीम बहुभाषी शिक्षा. शिक्षा को बदलने की आवश्यकता है। इस विषय का उद्देश्य गैर.प्रमुख भाषा बोलने वाले जनसंख्या समूहों के लिए सीखने की पहुंच और समावेश को सुविधाजनक बनाने के लिए मातृभाषा पर आधारित बहुभाषी शिक्षा महत्वपूर्ण है। यूनेस्को के आयोजित कार्यक्रम शिक्षा को बदलने के लिए बहुभाषावाद की क्षमता पर रिसर्च करेगी। यह कार्यक्रम हमारे तेजी से बदलते वैश्विक संदर्भों और संकट की स्थितियों में बहुभाषी शिक्षा और बहुभाषावाद के माध्यम से सीखने में मदद करने पर केंद्रित होगा।
Updated on:
21 Feb 2023 12:44 pm
Published on:
21 Feb 2023 12:42 pm
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