
IANS
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को प्राप्त खुफिया जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई (ISI) भारत के महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने के लिए एक बड़े पैमाने पर साइबर हमले की योजना तैयार कर रही है। इन हमलों का लक्ष्य मुख्य रूप से भारत के रक्षा और वित्तीय नेटवर्क को बाधित करना और संवेदनशील डेटा हासिल करना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया कि पिछले हफ्ते आईएसआई के अधिकारियों ने कई बैठकों में इन हमलों की रणनीति विकसित की है, जिससे खतरे की गंभीरता और स्पष्ट हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, आईएसआई ने पाकिस्तान स्थित साइबर फोर्स और हैकर समूहों को सक्रिय कर दिया है। इनमें साइबर ग्रुप HOAX1337, नेशनल साइबर क्रू प्रमुख है। ये दोनों ग्रुप पहले भी भारत के खिलाफ साइबर गतिविधियों में शामिल रहे हैं और अब इन्हें महत्वपूर्ण सरकारी और रक्षा प्रणालियों पर हमला करने का निर्देश दिया गया है।
एक वरिष्ठ IB अधिकारी ने बताया कि आईएसआई का प्राथमिक फोकस भारतीय रक्षा ढांचे को निशाना बनाना है न केवल सिस्टम को निष्क्रिय करना, बल्कि संवेदनशील और गोपनीय डेटा भी चुराना। सूत्रों के मुताबिक, आईएसआई पहले ही अपने जासूसी नेटवर्क को सक्रिय कर चुकी है और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा कर रही है।
गाज़ियाबाद पुलिस की जांच में यह दावा भी सामने आया कि आईएसआई समर्थित एजेंटों ने सौर ऊर्जा से चलने वाले CCTV कैमरे भारत के रेलवे स्टेशनों पर स्थापित किए थे। इन कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान स्थित नियंत्रकों को भेजी जा रही थी, जिससे सुरक्षा नेटवर्क के भीतर से डेटा प्राप्त किया जा सके।
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि आईएसआई ने भारत को निशाना बनाने के लिए दो मोर्चों पर योजना बनाई है:
पाकिस्तान स्थित सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि वे भारत में तेल, उड़ानें और एलपीजी मूल्य से जुड़ी झूठी जानकारियाँ फैलाएं, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं में भय और घबराहट, पैनिक खरीदारी, काला बाजार जैसे नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न हों।
भारतीय सरकार लगातार पाकिस्तान स्थित सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा फैलाए जा रहे झूठे दावों की सच्चाई सामने ला रही है और सक्रिय रूप से फैक्ट-चेक कर रही है। आईबी और अन्य एजेंसियों ने विशेष रूप से शिक्षा और विमानन क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले फर्जी संदेशों के बारे में चेतावनी जारी की है। ये क्षेत्र समाज में जल्दी भय और असमंजस उत्पन्न कर सकते हैं।
Published on:
02 Apr 2026 01:14 pm
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