1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ISRO का GSLV F14 रॉकेट ‘नॉटी बॉय’ आज होगा लॉन्च, जानिए मिशन की पूरी डिटेल

GSLV F14 launch today: GSLV F14 अंतरिक्ष यान अपने 16वें मिशन पर रवाना होगा। इसको INSAT-3DS मौसम उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाएगा। जीएसएलवी ने अतीत में डिलीवरी करते समय कई बाधाओं का सामना किया है और इसकी विफलता दर 40 प्रतिशत है। जीएसएलवी एफ14 को अब तक अपने कुल 15 अंतरिक्ष अभियानों में से छह में समस्याओं का सामना करना पड़ा है।

2 min read
Google source verification
ISRO's New Launch today

आज GSLV F14 अंतरिक्ष यान अपने 16वें मिशन पर रवाना होगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अधिक सटीक, मौसम पूर्वानुमान और प्राकृतिक आपदा चेतावनियों के उद्देश्य से शनिवार शाम को अंतरिक्ष यान जीएसएलवी एफ14 पर अपने मौसम संबंधी उपग्रह इन्सैट-3डीएस को लॉन्च करेगा।

GSLV F14 अंतरिक्ष यान अपने 16वें मिशन पर रवाना होगा। इसको INSAT-3DS मौसम उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाएगा। हालांकि, इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष ने अंतरिक्ष यान को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का शरारती लड़का (Naughty Boy नाम दिया है। जीएसएलवी ने अतीत में डिलीवरी करते समय कई बाधाओं का सामना किया है और इसकी विफलता दर 40 प्रतिशत है। जीएसएलवी एफ14 को अब तक अपने कुल 15 अंतरिक्ष अभियानों में से छह में समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इस अंतरिक्ष यान से जुड़ा आखिरी मिशन मई 2023 में था, जो सफल रहा था, लेकिन उससे पहले वाला मिशन विफल हो गया था। अपने धब्बेदार रिकॉर्ड के लिए नॉटी बॉय उपनाम वाले रॉकेट के लिए एक महत्वपूर्ण मिशन में, मौसम विज्ञान उपग्रह INSAT-3DS को जियोसिंक्रोनस लॉन्च वाहन (GSLV) पर शनिवार, 17 फरवरी की शाम को अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाएगा।

इसरो ने कहा कि जीएसएलवी-एफ14 शनिवार शाम 5.35 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरेगा। यह रॉकेट का कुल मिलाकर 16वां मिशन होगा। वहीं स्वदेशी रूप से विकसित क्रायोजेनिक इंजन का उपयोग करके इसकी 10वीं उड़ान होगी। मिशन की सफलता जीएसएलवी के लिए महत्वपूर्ण होगी। यह इस साल के अंत में पृथ्वी अवलोकन उपग्रह, एनआईएसएआर को ले जाने वाला है। इसे नासा और इसरो द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा है।
इसरो के अनुसार, एनआईएसएआर 12 दिनों में पूरे विश्व का मानचित्रण करेगा और पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र, बर्फ द्रव्यमान, समुद्र के स्तर में वृद्धि और भूकंप और सुनामी जैसे प्राकृतिक खतरों में परिवर्तन को समझने के लिए स्थानिक और अस्थायी रूप से सुसंगत डेटा प्रदान करेगा।

INSAT-3DS की मिशन डिटेल

इसरो के अनुसार शनिवार के मिशन GSLV-F14/INSAT-3DS का उद्देश्य मौजूदा परिचालन INSAT-3D और INSAT-3DR को बेहतर मौसम संबंधी अवलोकन, भूमि की निगरानी और सेवाओं की निरंतरता प्रदान करना है। मौसम की भविष्यवाणी और आपदा की चेतावनी के लिए समुद्री सतहों के साथ-साथ सैटेलाइट सहायता प्राप्त अनुसंधान और बचाव सेवाएं (SSR) प्रदान करने के लिए।

ये भी पढें: Air India को DGCA का नोटिस, एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर की कमी के चलते बुजुर्ग की हुई थी मौत