
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़: फाइल फोटो
jagdeep Dhankhar: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफे के बाद पेंशन प्राप्त करने के बाद अब सरकारी बंगले के आवंटन की मांग की है। उन्होंने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय को पत्र लिखकर उपयुक्त सरकारी आवास उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सूत्रों के अनुसार, यह मांग उनके अधिकारों के तहत की गई है, और मंत्रालय जल्द ही इस पर निर्णय लेगा।
आपको बता दें कि धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था, जो राजनीतिक हलकों में चौंकाने वाला था। उनके कार्यकाल के अंत तक अगस्त 2027 तक रहना था, लेकिन अचानक इस्तीफे ने विपक्ष और सहयोगी दलों में अटकलें पैदा कर दीं।
धनखड़ राजस्थान के किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से 1993-1998 तक कांग्रेस के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। इस्तीफे के बाद उन्होंने पूर्व विधायक के रूप में पेंशन के लिए आवेदन किया था, जो बीते दिनों राजस्थान विधानसभा से मंजूर हो गया। उन्हें प्रति माह लगभग 42 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी, जिसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ शामिल है। मूल पेंशन एक कार्यकाल के लिए 35 हजार रुपये है, लेकिन उम्र के आधार पर वृद्धि होती है।
धनखड़ को पूर्व सांसद के रूप में 45 हजार और पूर्व उपराष्ट्रपति के रूप में करीब 2 लाख रुपये मासिक पेंशन का भी हक है, कुल मिलाकर 3 लाख से अधिक। वेस्ट बंगाल गवर्नर रहने पर कोई पेंशन नहीं मिलती, लेकिन स्टाफ के लिए 25 हजार रुपये प्रतिपूर्ति है। राजस्थान विधानसभा सचिवालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है, और पेंशन इस्तीफा स्वीकृति की तारीख से लागू होगी।
पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ पिछले सप्ताह वीपी एन्क्लेव से दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित एक निजी फार्महाउस में शिफ्ट हो चुके हैं। यह फार्महाउस इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) नेता अभय चौटाला का है। सूत्रों ने बताया कि यह अस्थायी व्यवस्था है, क्योंकि सरकारी बंगला अभी उपलब्ध नहीं हुआ है।
धनखड़ ने मंत्रालय को पत्र लिखा है, जिसमें उपयुक्त आवास की मांग की गई है। मंत्रालय ने अभी तक कोई बंगला आवंटित नहीं किया है, लेकिन लुटियंस जोन में एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर नंबर 34 का टाइप-8 बंगला तैयार है। यह सुविधा पूर्व उपराष्ट्रपतियों को मिलने वाली है, जिसमें बिजली-पानी के बिल सरकार वहन करेगी। यदि धनखड़ इस बंगले को अस्वीकार करते हैं, तो मंत्रालय दूसरा विकल्प दे सकता है। नवीनीकरण कार्य के कारण इसमें 3 महीने लग सकते हैं।
धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया, जब उन्होंने एक जज के खिलाफ विपक्ष की नोटिस स्वीकार की थी। विपक्ष ने दावा किया कि इसके पीछे गहरे कारण हैं, जबकि सरकार ने स्वास्थ्य को प्राथमिकता बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे 'रहस्यमय' कहा और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सेहत बिल्कुल ठीक है।
Published on:
08 Sept 2025 10:40 pm
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