13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना के जवानों ने रक्तदान कर बचाई पाक आतंकी की जान

Jammu and Kashmir: भारतीय सेना के जवानों ने रक्तदान करके पाकिस्तानी आतंकी तबारक हुसैन की जान बचाई है। आतंकी हुसैन को सुरक्षा बल के जवानों ने जम्मू क्षेत्र के पास नियंत्रण रेखा पर गिरफ्तार किया था, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली जिले के सबजोत गांव का रहने वाला है।

2 min read
Google source verification

image

Abhishek Kumar Tripathi

Aug 25, 2022

jammu-and-kashmir-indian-army-personnel-saved-the-life-of-a-pakistani-terrorist-by-donating-blood.jpg

Jammu and Kashmir: Indian Army personnel saved the life of a Pakistani terrorist by donating blood

Jammu and Kashmir: आतंक की पनाहगाह बन चुके पड़ोसी देश पाकिस्तान का एक और काला सच सामने आया है। वहीं भारतीय सेना के जवानों ने पाक आतंकी के लिए रक्तदान करके मानवता की मिसाल कायम की है। दरअसल भारतीय सेना के जवानों ने रक्तदान करके पाकिस्तानी आतंकी तबारक हुसैन की जान बचाई है, जिसे जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नियंत्रण रेखा के पास से सुरक्षा बलों के जवानों ने गिरफ्तार किया है।

राजौरी में सैन्य अस्पताल के कमांडेंट ब्रिगेडियर राजीव नायर ने कहा कि उन्होंने उसे कभी आतंकवादी नहीं माना और उसकी जान बचाने के लिए अन्य मरीज की तरह उसके साथ व्यवहार किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि "यह भारतीय सेना के अधिकारियों की महानता है जिन्होंने उन्हें अपना खून देकर उसे बचाया, भले ही वह उनका खून बहाने आया था।"


पाकिस्तानी आतंकी तबारक हुसैन ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि "मुझे 3 से 4 अन्य आतंकवादियों के साथ यहां भेजा गया था। हमें पाकिस्तानी कर्नल यूनुस चौधरी ने नियंत्रण रेखा पार करने के बाद भारतीय सैनिकों पर 'फिदायीन' हमले को अंजाम देने के लिए पैसे दिए गए थे।" इसके साथ ही उसने बताया कि वह इससे पहले 2016 में यहां आया था, लेकिन सेना के जवानों पर हमला करने में असफल रहा था।

यह भी पढ़ें: पाकिस्तानी आतंकी ने कबूला, ISI से ट्रेनिंग लेने के बाद आर्मी पोस्ट उड़ाने की थी तैयारी


सेना के डॉक्टर राजीव नायर ने कहा कि आतंकी तबारक हुसैन को यहां गंभीर हालत में लाया गया था, लेकिन अब उनकी जान बच गई है। उन्होंने बताया कि गोली के घाव से पूरी तरह से उबरने में उसे कई सप्ताह लगेंगे। इसके बाद जब डॉक्टर से आतंकवादी की जान बचाने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि "हमारे लिए, यहां आने वाला हर व्यक्ति एक मरीज है। डॉक्टर होने के नाते, हमारे मरीजों की जान बचाना हमारा प्राथमिक काम है। हमने उसकी जान बचाने के लिए वही प्रयास किया है। हमारे भारतीय सैनिकों ने भी रक्तदान करके उनकी जान बचाई, यह उनकी वीरता है।"


जम्मू-कश्मीर में सेना के जवान ऑपरेशन ऑलआउट चलाकर लगातार आतंकवादियों की कमर तोड़ने में जुटे हैं। आज सुरक्षा बल के जवानों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रहे तीन आतंकियों को ढेर किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि सेना और बारामूला पुलिस ने उरी के कमलकोट सेक्टर में मड़ियां नानक चौकी के पास 3 घुसपैठियों को मार गिराया है।