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जम्मू-कश्मीर के किश्तवार में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू

जम्मू कश्मीर के किश्तवाड जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। सिंहपोरा इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान फायरिंग हुई, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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भारत

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Himadri Joshi

Jan 18, 2026

Encounter in Kishtwar

किश्तवाड जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जम्मू कश्मीर लंबे समय से आतंकवाद से जुड़ी चुनौतियों का सामना करता रहा है, खासकर पहाड़ी और जंगली इलाकों में आतंकी गतिविधियां चिंता का विषय बनी रहती हैं। सुरक्षा बल लगातार खुफिया सूचनाओं के आधार पर ऑपरेशन चलाकर हालात पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को जम्मू कश्मीर के किश्तवाड जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई, जिससे पूरे इलाके में अलर्ट घोषित कर दिया गया।

किश्तवाड में कैसे शुरू हुई मुठभेड़

अधिकारियों के अनुसार किश्तवाड जिले के सिंहपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी अभियान के दौरान जंगलों में छिपे आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई और मुठभेड़ की स्थिति बन गई।

इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर रवाना किया गया। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सील कर दिया गया ताकि आतंकी भागने में सफल न हो सकें। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में फायरिंग का सिलसिला जारी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है और आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

पहाड़ी जिलों में बढ़ी सतर्कता

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार जम्मू डिवीजन के कई पहाड़ी जिलों में आतंकी गतिविधियों की आशंका जताई गई है। कठुआ, पुंछ, राजौरी, किश्तवाड, डोडा, उधमपुर और रियासी जैसे जिलों में सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हैं। इन इलाकों में घने जंगल और पहाड़ी भूभाग आतंकियों को छिपने में मदद करता है, जिससे ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पहले भी कई बार संयुक्त सुरक्षा बलों ने आतंकियों से मुठभेड़ की है, हालांकि अंधेरे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर आतंकी भागने में सफल रहे हैं।

उच्च स्तरीय बैठक के बाद तेज हुई कार्रवाई

8 जनवरी को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक में पहाड़ी जिलों में आतंकियों की मौजूदगी पर गहन चर्चा की गई थी। इसके बाद सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए कि समन्वित, निरंतर और खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन चलाकर आतंकियों का सफाया किया जाए और लाइन ऑफ कंट्रोल तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ को पूरी तरह रोका जाए।