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Jammu Kashmir Blast: आतंकी साजिश नहीं सिर्फ हादसा, जम्मू-कश्मीर डीजीपी ने की पुष्टि

श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए ब्लास्ट मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर डीजीपी नलिन प्रभात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के यह साफ किया है कि यह सिर्फ एक हादसा था।

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भारत

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Himadri Joshi

Nov 15, 2025

Jammu and Kashmir DGP Nalin Prabhat

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात (फोटो- एक्स वीडियो स्क्रीनशॉट)

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात को एक भयानक विस्फोट हो गया। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग अभी भी घायल हैं। इन घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी शामिल है। फिलहाल शवों की पहचान की जा रही है और घायलों का इलाज चल रहा है। दुर्घटना में मारे गए लोगो में एक इंस्पेक्टर, 3 फॉरेंसिक टीम मेंबर, 2 क्राइम ब्रांच फोटोग्रॉफर, 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल था। नौगाम पुलिस ने फरीदाबाद से 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल मामले में जो विस्फोटक जब्त किया था उसके नमूने लेने के दौरान रात करीब 11:22 बजे यह ब्लास्ट हो गया। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पीपुल्स एंटी फासीस्ट फ्रंट (PAFF) नामक एक आतंकी ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले में किसी भी तरह के आतंकी एंगल होने की बात से इनकार कर दिया है। डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि यह घटना एक हादसा थी।

डीजीपी नलिन प्रभात ने इसे बताया हादसा

डीजीपी नलिन प्रभात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, यह एक हादसा था और सैंपलिंग के दौरान यह ब्लास्ट हुआ है। उन्होंने बताया, मारे गए 9 लोगों में से एक इंस्पेक्टर, 3 फॉरेंसिक टीम मेंबर, 2 क्राइम ब्रांच फोटोग्रॉफर, 2 राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल है।

बिना छेड़छाड़ विस्फोटक में धमाका नहीं संभव

शुरुआत से इस मामले की जांच आतंकी एंगल से भी की जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, विस्फोटक में धमाका उसे ट्रिगर करने पर ही होता है। विस्फोटक में डेटोनेटर और फ्यूज मिला कर ही ब्लास्ट किया जा सकता है। लेकिन पुलिस स्टेशन में सिर्फ जब्त किया गया अमोनियम नाइट्रेट था। ऐसे में बिना छेड़छाड़ के इसमें धमाका होना आंतकी साजिश के दावों को हवा देने वाला था। इसके बाद PAFF के इसकी जिम्मेदारी लेने की बात भी सामने आई थी। हालांकि अब यह साफ हो गया है कि यह घटना सिर्फ एक हादसा थी और यह विस्फोट किस कारण हुए इसकी अभी जांच चल रही है।

इसी पुलिस थाने ने किया था आंतकी मॉड्यूल का भंड़ाफोड़

बता दें कि, जिस वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल की जांच के दौरान यह विस्फोटक पकड़ा गया उसे भी जैश द्वारा हैंडल करने की बात सामने आई थी। इस वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का खुलासा करने वाला भी नौगाम पुलिस स्टेशन ही है जहां यह धमाका हुआ है। इसी पुलिस स्टेशन ने श्रीनगर में जैश के पोस्टर पकड़े थे जिसके बाद इस पूरे टेरर ग्रुप का भंड़ाफोड़ हुआ। यह थाना इस पूरी जांच के केंद्र में था। जांच के दौरान थाने के अधिकारियों की टीम ने फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से यह विस्फोटक बरामद किया था, जिसके नमूनों की जांच के दौरान यह हादसा हो गया।

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