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Jammu Kashmir: आतंकियों के निशाने पर सिक्योरिटी कैंप, फिदायीन हमले की आशंका

Jammu Kashmir सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने आतंकवादी संगठनों पर ये दबाव बनाया है कि वे घुसपैठ के बाद अपने टारगेट में तब्दीली करें। अब तक नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था, अब सिक्योरिटी कैंपों और पोस्टों पर भी हमला किया जाए

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Dheeraj Sharma

Nov 01, 2021

Jammu Kashmir

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) में टारगेट कीलिंग ( Target Killing ) के बाद अब टारगेट सिक्योरिटी कैंप की साजिश रची जा रही है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को हाल में मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने आतंकी संगठनों पर दबाव बनाया है कि कश्मीर में सिक्योरिटी कैंप और पोस्ट पर हमले करें।

यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियों ने त्योहार के मद्देनजर तमाम सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाने का अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यही नहीं इन ठिकानों के बाहर मोबाइल बंकर समेत बुलेट प्रूफ वाहन तैनात किए गए हैं।

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घुसपैठ के साथ टारगेट भी बदले
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने आतंकवादी संगठनों पर ये दबाव बनाया है कि वे घुसपैठ के बाद अपने टारगेट में तब्दीली करें। अब तक नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था, अब सिक्योरिटी कैंपों और पोस्टों पर भी हमला किया जाए।

दरअसल, बांदीपोरा, बारामुला और कुपवाड़ा जिलों की एलओसी पर बर्फ पड़ना शुरू हो गया है। ऐसे में बर्फ पड़ने से पहले बड़े स्तर पर आतंकियों की घुसपैठ कराकर भेजने का प्रयास किया जा रहा है।

बड़ी तादाद में आतंकी सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। कश्मीर में एक महीने तक पहाड़ों पर काफी बर्फ पड़ेगी। ऐसे में आतंकियों की कोशिश रहेगी कि इससे पहले मौके का फायदा उठाकर भारत की सीमाओं में प्रवेश कर सकें।

क्योंकि दिसंबर से मार्च तक आतंकी बर्फबारी के चलते घुसपैठ नहीं कर पाते।

फिदायीन हमलों की आशंका
खुफिया एजेंसियों की मानें तो नवंबर के पूरे महीने में सुरक्षा कैंपों और पोस्टों की कड़ी सिक्योरिटी रखना होगी। कश्मीर में आतंकी संगठन हाइब्रिड आतंकियों की मदद से सिक्योरिटी कैंप, पुलिस पोस्ट, अन्य सुरक्षाबलों की पोस्ट आदि पर हमले कराने की साजिश रची जा रही है।

आतंकी इन कैंपों पर फिदायीन, ग्रेनेड हमले कर सकते हैं। पीओके में मौजूद लश्कर ए ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद और आरटीएफ संगठन के हैंडलरों से आईएसआई ने हमले करने के लिए कहा है।

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बता दें कि मौजूदा समय में कश्मीर में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की जगह आरटीएफ सक्रिय है। इसमें कई हाइब्रिड आतंकी शामिल हैं।

हाइब्रिड आतंकी स्थानीय लोगों को ही ट्रेंड कर बनाए जाते हैं तो अपने काम को अंजाम देने के बाद आम जिंदगी जीने लगते हैं। ये अन्य आतंकियों से ज्यादा खतरनाक होते हैं, क्योंकि इनकी पहचान कर पाना मुश्किल होता है।