8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लंगूर बुजुर्ग के पार्थिव शरीर के सिरहाने बैठ सहलाता रहा चेहरा, अंतिम संस्कार तक बैठा रहा, फिर चला गया, लोग है हैरान

अबूझ पहेली - एक बुजुर्ग की मौत हो जाती है। तभी कहीं से एक लंगूर आ जाता है। और पार्थिव शरीर के सिरहाने बैठ चेहरा सहलाता रहा। फिर अंतिम संस्कार तक शांति से देखता रहा। उसके बाद वह गुम हो गया। सब हैरान हैं। जानें वजह क्या है...

2 min read
Google source verification
langur.jpg

लंगूर बुजुर्ग के पार्थिव शरीर के सिरहाने बैठ सहलाता रहा चेहरा, अंतिम संस्कार तक बैठा रहा, फिर चला गया, लोग है हैरान

यूपी के अमेठी के आरिफ और एक सारस की दोस्ती सुर्खियों में बरकरार है। कहीं कुत्ते से आदमी को इतना प्रेम होता है कि, उसके न रहने पर उसका मलिक उसकी तेहरवीं भी मनाता है। ऐसे कई उदाहरण हैं। तो कई बार इंसान और जानवर संवेदना की ऐसी डोर से जुड़ जाते हैं, जिसे देखकर लोग आश्चर्य और कौतूहल से भर उठते हैं। ऐसी ही एक घटना जमशेदपुर में सामने आई है। यहां एक बुजुर्ग के निधन पर एक लंगूर ने जिस तरह की संवेदना दिखाई। लंगूर मृतक के शव के सिर और चेहरा को सहलाने लगा। फिर अंतिम यात्रा में सबके साथ रहा। और अंत में अंतिम संस्कार के बाद लंगूर वापस चला गया। इस पर पूरा इलाका हैरान है। और लंगूर और मृतक का रिश्ता चर्चा का विषय बना हुआ है।

अचानक कहीं से आ गया लंगूर, सब चौंक गए

पूरा मामला है, चाकुलिया प्रखंड के कालापाथर गांव निवासी 80 वर्षीय गौरांग चन्द्र पाल का निधन बीते सोमवार को हो गया। उनके अंतिम संस्कार के पूर्व उनका शव अंतिम दर्शन के लिए घर के आंगन में चारपाई पर रखा गया था। लोग उनके अंतिम दर्शन कर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर रहे थे। इसी बीच कहीं से एक लंगूर आ पहुंचा। वह चारपाई पर स्व. पाल के सिरहाने बैठकर उनका सिर और चेहरा सहलाने लगा। उसने गौरांग चन्द्र पाल के पार्थिव शरीर पर अन्य लोगों की तरह पुष्प अर्पित किया।

लंगूर इसके पहले कभी नहीं दिखा था - मुखिया ने बताया

इस दौरान लंगूर ने किसी को किसी प्रकार से परेशान नहीं किया। बाद में जब उनकी अंतिम यात्रा निकली तो गांव के लोगों के साथ वह भी श्मशान घाट तक पहुंचा। वहां भी वह चिता के पास बैठा रहा। अंतिम संस्कार के बाद लंगूर वापस चला गया। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंचे पंचायत के मुखिया शिवचरण हांसदा ने बताया कि यह लंगूर इसके पहले कभी नहीं दिखा था।

यह भी पढ़े - दलाई लामा ने चीन को दिया झटका, मंगोलियाई बच्चे को चुना तिब्बत का तीसरा धर्मगुरु