
Jan Dhan Yojana: प्रधानमंत्री जन धन योजना को 10 वर्ष पूरे हो गए हैं। 28 अगस्त, 2014 को जन-धन योजना की शुरुआत की गई थी। इस दौरान 53 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिसमें 55.6 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। चालू वित्त वर्ष में 3 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोलने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, प्रधानमंत्री जन धन योजना सभी वर्गों को बैंकिंग सेवा से जोड़ने और सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने में मददगार साबित हुई है। इसके जरिए लोगों को केंद्र की योजनाओं का सीधे लाभ पहुंचाने में बड़ी मदद मिली है। ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग बैंकिंग सेवा से जुड़े हैं।
वर्ष बैंक खाते जमा राशि
2015 17.9 22,901
2016 24.1 42,094
2017 30.9 65,799
2018 32.54 82,039
2019 36.79 1,02,415
2020 40.41 1,30,086
2021 43.04 1,42,230
2022 46.25 1,73,954
2023 50.09 2,03,505
2024 53.13 2,31,000
(हर साल के 28 अगस्त तक के आंकड़े)
173 करोड़ है देश में कुल बचत खातों की संख्या, जिनमें 53.13 करोड़ जन धन अकाउंट
29.56 करोड़ यानी 55.5 प्रतिशत जन धन खाते महिलाओं के, 66.6 प्रतिशत जन धन खाते ग्रामीण और छोटे शहरी इलाके में खोले गए
4353 रुपए औसतन अभी जन धन खातों में जमा, 2015 में प्रति व्यक्ति न्यूनतम बैलेंस केवल 1065 रुपए था
2.31 लाख करोड़ रुपए जमा हैं जन धन अकाउंट में अभी, जो मार्च 2015 में केवल 15,670 करोड़ रुपए थी
99.95 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में अब 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधा मिल रही
80 प्रतिशत जन धन खाते सक्रिय, इससे पता चलता है कि लोग इन खातों के जरिए बैंकिंग सेवा का लाभ उठा रहे हैं
Published on:
28 Aug 2024 07:39 am

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