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जन विश्वास संशोधन विधेयक 2026, छोटे अपराधों पर अब जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना

जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026 के तहत 79 केंद्रीय कानूनों में बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं। छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक बनाकर जेल की सजा हटाई जाएगी और आर्थिक दंड लागू होगा। इससे ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जबकि विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 28, 2026

Jan Vishwas Amendment Bill

AI Image-ChatGpt

केंद्र सरकार का जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026 देश के कानूनी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने जा रहा है। इस बिल के जरिए 79 केंद्रीय कानूनों में 784 प्रावधानों में संशोधन कर छोटे-छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक बनाते हुए जेल की सजा हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है, जिससे आम लोगों और व्यापारियों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके तहत बिना लाइसेंस स्टांप बेचने, पशु चराई जैसे मामलों में जेल का प्रावधान हटाया गया है जबकि हाइवे को बड़ा नुकसान पहुंचाने पर 10 लाख से 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना करने का प्रावधान किया है। लोकसभा में उद्योग और वाणिज्य राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए यह विधेयक लाया गया है। इसके तहत कई ऐसे कानूनी प्रावधान व बदलाव किए गए हैं जिससे आम लोगों का दैनिक जीवन और छोटे कारोबार में आसानी होगी।

अब जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना


इसमें छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर (डी-क्रिमिनलाइज) उन्हें केवल जुर्माने तक सीमित कर दिया गया है। यानी अब कई मामलों में लोगों को जेल नहीं जाना पड़ेगा। इस विधेयक के तहत 23 मंत्रालयों की ओर से लागू 79 केंद्रीय कानूनों में 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाने का प्रस्ताव है, ताकि कारोबार करना आसान हो सके, जबकि 67 प्रावधान लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए बदले जाएंगे।

कांग्रेस सांसदों ने बताया भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला


कांग्रेस सांसद कडियम काव्या और जीके पदवी ने इस विधेयक को मनमाना और भ्रष्टाचार बढ़ाने वाला बताते हुए इसे फिर से प्रवर समिति या किसी संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विधेयक प्रवर समिति से आया है जिसे पुन: भेजने का कोई प्रावधान नहीं है।

हाइवे को नुकसान पहुंचाना पड़ेगा भारी


यदि कोई व्यक्ति नेशनल हाइवे को गंभीर नुकसान पहुंचाता है तो उस पर 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसमें जानबूझकर हाइवे निर्माण कार्य में बाधा डालने, अवैध कब्जा व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान भी शामिल किया गया है। हालांकि, छोटे अपराध पर जेल भेजने की बजाय 2,500 रुपए तक का जुर्माना और लगातार उल्लंघन पर 250 रुपए प्रतिदिन अतिरिक्त दंड का प्रावधान किया गया है।

खेत में पशु घुसने पर सिर्फ जुर्माना


पशु अतिचार अधिनियम, 1871 में बदलाव कर गांवों में पशुओं का खेत में घुसकर चरने पर जेल की सजा के बजाय अब सिर्फ 5000 रुपए का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव।

स्टांप बिक्री की सामान्य गड़बड़ी पर जुर्माना कोर्ट फीस अधिनियम, 1870 के तहत स्टांप बेचने में जानबूझकर गड़बड़ी करने पर छह महीने की जेल और दस हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है लेकिन कपटपूर्ण आशय नहीं होने पर बिना लाइसेंस के ही स्टांप बेचने या अन्य किसी नियम का उल्लंघन पर जेल के बजाय केवल 10000 रुपए का जुर्माना हो सकेगा।