
खूंखार अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा। (फोटो- ANI)
खूंखार अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को अजरबैजान के बाकू से वापस लाया गया है। झारखंड के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा मयंक को भारत लाया गया है। इसी तरह झारखंड पुलिस के लिए यह पहला ऐतिहासिक प्रत्यर्पण है।
सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, सिंह को रांची लाया गया। एटीएस आज उसे रामगढ़ अदालत में पेश करेगी और उसकी रिमांड की मांग करेगी। इस गैंगस्टर के खिलाफ झारखंड, राजस्थान और अन्य राज्यों में लगभग 50 मामले दर्ज हैं।
एटीएस के एसपी ऋषव कुमार झा ने कहा कि हम मयंक को अजरबैजान बाकू से पकड़कर वापस लाए हैं। झारखंड पुलिस के इतिहास में यह पहला सफल प्रत्यर्पण है, हमें उम्मीद है कि देश से बाहर रह रहे बाकी अपराधियों को भी जल्द वापस लाया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि मयंक सिंह स्थानीय गैंगस्टर अमन साहू और कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
झा ने कहा कि शुरुआती जांच से यह मालूम चलता है कि मयंक अमन साहू और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के बीच एक संपर्क सूत्र है। हम उससे पूछताछ करेंगे और जेल में दोनों गिरोहों के बीच किस तरह के संबंध हैं, इसकी पूरी जानकारी जुटाएंगे।
रायपुर पुलिस ने खुफिया जानकारी मिलने पर रविवार को राजस्थान और झारखंड से अमन साहू गिरोह के चार शूटरों को गिरफ्तार किया था।
बताया जा रहा है कि ये शूटर मयंक सिंह के निर्देशों पर काम कर रहे थे। वहीं, मयंक खुद लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू के इशारों पर क्राइम करता था।
सभी शूटर मयंक के लगातार संपर्क में थे। वे लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू के गिरोह के लक्ष्यों को अंजाम तक पहुंचाते थे। वे अपने काम और पहचान के लिए कोडनेम का भी इस्तेमाल करते थे।
Updated on:
23 Aug 2025 12:17 pm
Published on:
23 Aug 2025 12:17 pm
