
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हाई कोर्ट ने सीएम सोरेन को बड़ा झटका दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन न मानने के मामले में मिली अंतरिम राहत को कोर्ट ने समाप्त कर दिया है। मामले में सीएम की तरफ से कोर्ट से समय देने का आग्रह किया गया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
हाई कोर्ट में ईडी की तरफ से अधिवक्ता अमित कुमार ने पक्ष रखा। दरअसल, 4 दिसंबर 2024 को कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए समन अवहेलना मामले में सीएम सोरेन को MP-MLA कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी थी।
हाई कोर्ट में सीएम हेमंत सोरेन की तरफ से समय की मांग की गई और अंतरिम राहत को बढ़ाने का आग्रह किया गया। लेकिन कोर्ट ने आग्रह को अस्वीकार कर दिया और पहले से जारी किए गए अंतरिम आदेश को भी खत्म कर दिया। अब सीएम सोरेन को कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है।
बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन पर ईडी द्वारा समन की अवहेलना का आरोप लगाते हुए दायर शिकायतवाद पर निचली कोर्ट में केस दर्ज है। MP-MLA कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सीएम को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सीएम सोरेन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन निचली अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
इसी आदेश को चुनौती देने के लिए सीएम हेमंत सोरेन ने हाई कोर्ट की ओर रुख किया। हालांकि अब हाई कोर्ट से भी सीएम सोरेन को राहत नहीं मिली है।
वहीं एक अन्य मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार पर जुर्माना लगाया है। यह मामला बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को लेकर है। साथ ही कोर्ट ने सोरेन सरकार को अगली तारीख से पहले जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। दरअसल, कोर्ट में देवघर के मोहनपुर थाने में दर्ज मामले को निरस्त करने की मांग को लेकर बीजेपी सांसद ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट में इसी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
Updated on:
25 Nov 2025 04:14 pm
Published on:
25 Nov 2025 04:14 pm
