
J&K Congress to crumble after Ghulam Nabi Azad's exit? Many leaders may resign today
वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस पद से इस्तीफा देने के बाद से पार्टी के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। जम्मू कश्मीर में जहां राजनीतिक दल इस वर्ष चुनावों के लिए तैयारियों में जुटे हैं तो वहीं, कांग्रेस पूरी तरह से टूट के कगार पर आ गई है। वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के पार्टी छोड़ने के बाद से इस पार्टी को एकजुट रख पाना कांग्रेस हाईकमान के लिए कठिन हो गया है। आजाद के इस्तीफे के बाद आज केंद्र शासित प्रदेश में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता इस्तीफा दे सकते हैं। इसके संकेत खुद पूर्व एमएलसी नरेश गुप्ता ने इस्तीफा देने के बाद दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई वरिष्ठ सदस्य, पूर्व मंत्री, विधायक और प्रमुख नेता आजाद के समर्थन में कांग्रेस पार्टी छोड़ने वाले हैं। सरूरी और पूर्व विधायक हाजी अब्दुल राशिद, मोहम्मद अमीन भट, गुलजार अहमद वानी और चौधरी मोहम्मद अकरम ने शुक्रवार को गुलाम नबी आजाद के समर्थन में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। इसके कुछ समय बाद पूर्व एमएलसी नरेश गुप्ता ने भी पार्टी छोड़ दी थी।
इसके बाद आजाद ने शनिवार को अपने आवास पर कुछ पूर्व विधायकों सहित जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं से मुलाकात भी की थी। वो जल्द ही प्रदेश में नई पार्टी बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। आज उन्होंने जम्मू कश्मीर के लिए रणनीति बनाने के लिए 11 बजे बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक की अध्यक्षता जीएम सरूरी और चौधरी मोहम्मद अकरम करेंगे, जिन्होंने आजाद के बाद पार्टी छोड़ दी है। बैठक के दौरान आजाद के 4 सितंबर को जम्मू में शक्ति प्रदर्शन (शक्ति प्रदर्शन) की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।
सामने आ रही जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री इस साल सितंबर में अपनी पार्टी का शुभारंभ करेंगे। इसमें वो सभी नेता शामिल होंगे जो आजाद कैंप के सभी नेता शामिल होंगे।
खुद गुलाम नदी आजाद ने भविष्य की योजना पर मीडिया से बातचीत में कहा था कि "मुझे एक राष्ट्रीय पार्टी शुरू करनी है लेकिन अभी कोई जल्दी नहीं है, लेकिन ये ध्यान में रखते हुए कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव होने की संभावना है, मैंने जल्द ही वहां एक इकाई शुरू करने का फैसला किया है।"
स्पष्ट है जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के लिए खुद को मजबूती से उतारने में बड़ी मुश्किलें आने वाली हैं। उसका जनाधार भी बंट सकता है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी कैसे इस स्थिति को संभालती है ये देखना दिलचस्प होगा।
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Updated on:
28 Aug 2022 08:18 am
Published on:
28 Aug 2022 08:10 am
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