
जंक फूड (Representational Photo - AI Generated)
देश के बच्चों में बढ़ते मोटापे की चिंता अब सरकार को भी सताने लगी है। सरकार ने देश में पहली बार बच्चों के खान-पान में कैलोरी और शुगर की मात्रा तय कर दी है। इसके तहत देश के स्कूलों (Schools) और शैक्षणिक परिसर में निर्धारित मात्रा के तहत ही कैलोरी और शुगर बच्चों के खाद्य पदार्थ में रखी जा सकेगी। इसके साथ ही स्कूल के कैंटीन-कैफे में हाई कैलोरी वाला जंक फूड (Junk Food) नहीं बिक सकेगा। सकेगी। केंद्र सरकार इन नियमों को जल्द लागू करने जा रही है।
इसी शिक्षा सत्र से ये नियम सभी निजी, सरकारी और अद्र्धशासकीय स्कूलों पर लागू हो सकते हैं। इस दायरे में देश के करीब 24.69 करोड़ बच्चे आएंगे। खास बात है कि अभी तक फूड सेफ्टी एंड स्टेंडडर्स (सेफ फूड एंड बैलेंस्ड डाइट्स फॉर चिल्ड्रन इन स्कूल) रेगुलेशंस 2020 में सिर्फ हाई कैलोरी और हाई शुगर न देने की बात थी, लेकिन इसकी मात्रा तय नहीं थी। अब प्रति 100 ग्राम पर लिक्विड और सॉलिड फूड के लिए कैलोरी और शुगर की मात्रा तय की जा रही है। इतना ही नहीं, इनके लिए नमक की मात्रा भी तय की जा रही है। इससे ज़्यादा मात्रा होने पर संबंधित स्कूल पर कार्रवाई हो सकेगी।
सॉलिड फूड में 4.2 ग्राम कैलोरी, 3 ग्राम शुगर के साथ ही 0.625 ग्राम नमक और लिक्विड में 1.5 ग्राम कैलोरी, 2 ग्राम शुगर और 0.175 ग्राम नमक की मात्रा तय की गई है।
यह नियम स्कूल गेट के 50 मीटर दायरे तक लागू होगा। इससे स्कूल परिसर में कैंटीन, कैफे या मेस, होस्टल मेस जैसे सभी खान-पान के सेंटर आ जाएंगे। यह सरकारी स्कूलों के मिड-डे मिल से लेकर निजी स्कूलों की कैंटीन और मेस तक पर लागू होगा। नए नियमों में विभिन्न शीतल पेय, जंक फूड जैसे खाद्य पदार्थ इसकी जद में आकर बिकना बंद या कम हो सकते हैं।
अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो सामान्य नियमों के तहत ही कार्रवाई होगी। फर्क यह है कि अब मात्रा के आधार पर जांच करके हाई कैलोरी या हाई शुगर तय हो जाएगी। अभी तक मात्रा तय नहीं होने से लोग बच जाते थे।
Updated on:
12 Aug 2026 04:59 am
Published on:
12 Aug 2026 04:54 am
