
मशहूर अभिनेता कमल हासन राज्यसभा सदस्य बनने जा रहे हैं। (फोटो: एएनआई)
Kamal Haasan Rajya Sabha: डीएमके ने बुधवार को 19 जून को होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने जिन उम्मीदवारों की घोषणा की है, उनमें मशहूर अभिनेता कमल हासन का नाम शामिल है। चार सीटों पर चुनाव के लिए सत्तारूढ़ पार्टी ने तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि एक सीट अपने सहयोगी मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) को आवंटित की है, जिससे अभिनेता-राजनेता कमल हासन के संसद में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने मक्कल नीति मय्यम (MNM) को आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए एक सीट आवंटित की है, जिससे कमल हासन संसद के ऊपरी सदन में प्रवेश करेंगे । इस संबंध में इंडिया टुडे ने समाचार प्रकाशित किया है।
कमल हासन का जन्म 7 नवंबर 1954 को तमिलनाडु के परमकुडी में हुआ था। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1959 में की और 1970 के दशक में प्रमुख अभिनेता के रूप में स्थापित हुए। उनकी फिल्म 'नायकन' (1987) को ऑस्कर अवार्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया था। कमल हासन ने तमिल, हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और बंगाली फिल्मों में अभिनय किया है और उन्हें चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, नौ तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार, चार नंदी पुरस्कार, एक राष्ट्रपति पुरस्कार, दो फिल्मफेयर पुरस्कार और 18 फिल्मफेयर पुरस्कार दक्षिण प्राप्त हुए हैं ।
कमल हासन ने 2018 में मक्कल नीति मय्यम (MNM) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य तमिलनाडु की राजनीति में एक वैकल्पिक और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार प्रदान करना था। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनावों में MNM को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद, कमल हासन ने अपनी पार्टी को सक्रिय रखा और सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहे।
मार्च 2024 में, कमल हासन ने DMK के साथ गठबंधन किया, जिसके तहत MNM को राज्यसभा के लिए एक सीट आवंटित की गई। इस गठबंधन के तहत, MNM ने DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन को आगामी लोकसभा चुनावों में समर्थन देने का वादा किया है ।
कमल हासन ने हाल ही में एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि "कन्नड़ तमिल से उत्पन्न हुआ है"। इस बयान ने कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन और आलोचनाओं को जन्म दिया। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने इसे असंस्कृत और अपमानजनक करार दिया और सार्वजनिक माफी की मांग की ।
कमल हासन का राज्यसभा में प्रवेश तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनकी उपस्थिति से राज्यसभा में दक्षिण भारत की आवाज़ को मजबूती मिलेगी। उनकी फिल्मी पृष्ठभूमि और सामाजिक मुद्दों पर सक्रियता उन्हें संसद में एक प्रभावशाली सदस्य बना सकती है।
कमल हासन के राज्यसभा में प्रवेश को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। DMK के इस कदम को एक रणनीतिक गठबंधन के रूप में देखा जा रहा है, जो आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति को मजबूत कर सकता है। वहीं, कुछ विपक्षी दल इस गठबंधन को सत्ता की भूख और राजनीतिक स्वार्थ का परिणाम मान रहे हैं।
राज्यसभा चुनावों की तारीख नजदीक आने के साथ ही कमल हासन की राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। उनकी पार्टी MNM ने DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए प्रचार अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें तमिलनाडु और पुडुचेरी की सभी लोकसभा सीटों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कमल हासन ने स्पष्ट किया है कि उनका यह कदम किसी पद की लालसा में नहीं, देश की भलाई के लिए है।
आगामी राज्यसभा चुनाव डीएमके के सांसदों एम षणमुगम, एम मोहम्मद अब्दुल्ला और पी विल्सन और एमडीएमके के सांसदों वाइको का कार्यकाल समाप्त होने के कारण आवश्यक हो गया है। वहीं पीएमके नेता और निवर्तमान सांसद अंबुमणि रामदास का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है।
ध्यान रहे कि डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बयान में कहा कि एमएनएम के साथ सीट बंटवारे की व्यवस्थाडीएमके के प्रत्याशियों में वर्तमान सांसद व वरिष्ठ अधिवक्ता पी विल्सन, सलेम पूर्व जिला सचिव एवं पूर्व विधायक एसआर शिवलिंगम तथा पार्टी प्रवक्ता एवं प्रख्यात लेखक रोक्किया मलिक, जिन्हें कवियित्री सलमा के नाम से भी जाना जाता है, शामिल हैं। “पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विल्सन 2019 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। शिवलिंगम इससे पहले 1989 और 1996 में डीएमके विधायक रह चुके हैं, जबकि लंबे समय से पार्टी की सदस्य रहीं सलमा ने 2006 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन असफल रहीं थीं।
कमल हासन का राज्यसभा में प्रवेश तमिलनाडु की राजनीति में एक नए समीकरण को जन्म दे सकता है। DMK और MNM का यह गठबंधन अन्य क्षेत्रीय दलों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे छोटे दल भी बड़े गठबंधनों का हिस्सा बनकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बना सकते हैं। बहरहाल कमल हासन का राज्यसभा में प्रवेश तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। उनकी उपस्थिति से राज्यसभा में दक्षिण भारत की आवाज़ को मजबूती मिलेगी और यह गठबंधन अन्य क्षेत्रीय दलों के लिए एक नई दिशा दे सकता है।
Updated on:
28 May 2025 04:52 pm
Published on:
28 May 2025 04:13 pm
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