
कंगना रनौत को बठिंडा कोर्ट ने तलब किया (फोटो- एएनआई)
हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट को पंजाब के बठिंडा की एक अदालत ने एक बार फिर मानहानि के मामले में समन जारी किया है। यह मामला एक किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला किसान प्रदर्शनकारी के खिलाफ कंगना की विवादित टिप्पणी से जुड़ा है। इस मामले में कोर्ट ने कंगना को समन जारी करते हुए जल्द से जल्द पेश होने के निर्देश दिए है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को तय की गई है।
चार दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने कंगना की इस मामले पर सुनवाई करने से मना कर दिया था, जिसके बाद उन्हें अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कंगना से निचली अदालत में अपनी बात रखने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट से पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कंगना के खिलाफ दर्ज मानहानी केस रद्द करने से इनकार कर दिया था। इस कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अब बठिंडा की अदालत ने कंगना के खिलाफ समन जारी किया है।
2021 के किसान आंदोलन के दौरान कंगना ने एक ट्वीट को रिशेयर करते हुए आंदोलन में शामिल एक बुजुर्ग महिला पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह महिला बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 87 वर्षीय महिला किसान महिंदर कौर थी। कंगना ने ट्वीट रिशेयर करते हुए लिखा था, हाहाहा, ये वही दादी है जिसे टाइम मैगजीन ने भारत की पावरफुल महिला के तौर पर फीचर किया था। यह 100 रुपए में उपलब्ध है। पाकिस्तानी पत्रकारों ने भारत के लिए शर्मनाक तरीके से इंटरनेशनल पीआर को हाईजैक कर लिया है। हमें इंटरनेशनल लेवल पर बोलने के लिए अपने ही लोगों की जरूरत है।
इस ट्वीट के सामने आने के बाद महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानी की मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने कहा था कि, कंगना ने अपनी पोस्ट में उन्हें गलत तरीके से शाहीन बाग वाली बिल्किस बानो बताया है। हालांकि महिंदर कौर का कहना है कि अगर कंगना उनसे माफी मांग लेती है तो वह उन्हें माफ कर देंगी क्योंकि उनकी कंगना से कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन कंगना अभी भी अपनी बातों को सही ठहरा रही है इसलिए उन्होंने कोर्ट से न्याय मांगा है।
महिंदर कौर की शिकायत पर 22 फरवरी, 2022 को बठिंडा की एक अदालत ने कंगना को अदालत में पेश होने के लिए समन भेजा था। इसके बाद कंगना ने पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय में महिंदर कौर की शिकायत को रद्द कराने की अर्जी दी थी, लेकिन दोनों ही कोर्ट ने कंगना की अर्जी को खारिज कर दिया। कंगना के वकीन ने सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि कंगना ने बस एक ट्वीट को रिपोस्ट किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाते हुए जवाब दिया था कि कंगना ने इसे सिर्फ रिशेयर नहीं किया बल्कि अपनी ओर से उसमें टिप्पणी जोड़ी और उसमें मसाला डाला।
Updated on:
16 Sept 2025 06:35 pm
Published on:
16 Sept 2025 06:35 pm
