एक आदमखोर तेंदुए को लेकर कर्नाटक सरकार बुरी तरह से नाराज है। उसने जो काम किया उसके बाद से तेंदुए को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। जानें आखिर मामला क्या है।
कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को एक आदमखोर तेंदुए को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया। तेंदुए ने टी. नरसीपुर शहर के पास एस. केब्बेहुंडी गांव में एक युवती जिसकी उम्र सिर्फ 22 वर्ष थी, मार डाला था। आदेश का पालन करते हुए, वन अधिकारियों ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर शुक्रवार सुबह तेंदुए का शिकार करने के लिए एक चौतरफा अभियान शुरू किया। एस केब्बेहुंडी निवासी 22 वर्ष की मेघना पर गुरुवार को तेंदुए ने हमला किया था और अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मेघना अपने घर के पीछे शौच के लिए गई थी तभी अचानक तेंदुए ने उस पर पीछे से हमला कर दिया। उसकी चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तेंदुए को भगाकर महिला को अस्पताल पहुंचाया।
टीम बनाकर ढूंढ़ रहे नरभक्षी तेंदुए को
मैसूर सर्कल वन अधिकारी मालती प्रिया ने कहा कि, टी नरसीपुर तालुक में तेंदुए के खतरे को खत्म करने के लिए 15 विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि तेंदुए को मारने की अनुमति दी गई है और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग देगा 7 लाख रुपए मुआवजा
वन विभाग ने मृतक के परिवार को 7 लाख रुपए मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। यह भी आश्वासन दिया है कि परिवार के एक सदस्य को अनुबंध के आधार पर नौकरी मिलेगी।
वन विभाग के खिलाफ धरना
ग्रामीणों व महिला के परिजनों ने वन विभाग की लापरवाही की निंदा करते हुए टी. नरसीपुर सरकारी अस्पताल के समक्ष धरना दिया।