
कर्नाटक हाईकोर्ट (File Photo)
कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) की धारवाड़ बेंच (Dharwad Bench) 1 अगस्त को न्यायिक इतिहास रचने जा रही है। पहली बार अदालत की सभी सात बेंचों पर सिर्फ महिला जज होंगी और वो ही सभी मामलों की सुनवाई करेंगी। इसके लिए मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर विशेष रोस्टर भी जारी किया गया है। सात बेंचों में तीन डिवीज़न बेंच और चार सिंगल बेंच होंगी, जिन पर कुल 10 महिला जज बैठेंगी।
कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच की सभी सात बेंचों पर सिर्फ 1-2 तरह के मामलों की नई, बल्कि दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक, कर, श्रम, शिक्षा, पारिवारिक और वाणिज्यिक मामलों की सुनवाई होंगी। ये सुनवाई नियमित रूप से होंगी।
यह पहल इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि देश की संवैधानिक अदालतों में पूरी तरह महिला जजों वाली बेंच अब तक बेहद कम बनी हैं। सुप्रीम कोर्ट में पहली ऑल-वुमन बेंच 2013 में गठित हुई थी। इसके बाद 2018, 2022 और 2023 में भी ऐसी बेंच बनीं, लेकिन सभी अदालतों में एक साथ सिर्फ महिला जजों की विशेष बैठक का अवसर बहुत दुर्लभ रहा है, जो अब कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच में होने वाला है। ऐसे में यह पहल अन्य अदालतों के लिए एक उदाहरण भी बन सकती है।
हाईकोर्ट की बात करें तो इससे पहले सिर्फ केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने 2022 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) पर महिला जजों की पूर्ण बेंच गठित की थी। उस ऐतिहासिक बेंच में शामिल रहीं न्यायमूर्ति अनु शिवरामन अब कर्नाटक हाईकोर्ट में हैं और धारवाड़ की इस विशेष बैठक में भी डिवीजन बेंच का हिस्सा होंगी। इस वजह से 1 अगस्त की यह पहल भारतीय न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व का एक अहम पड़ाव मानी जा रही है।
डिवीज़न बेंच
जस्टिस अनु शिवरामन और जस्टिस के. जी. शांति।
जस्टिस ज्योति एम. और जस्टिस पी. श्री सुधा।
जस्टिस ललिता कन्नेगंटी और जस्टिस के. एस. हेमलेखा
सिंगल बेंच
जस्टिस डॉ. चिल्लाकुर सुमलता।
जस्टिस तारा वितस्ता गंजू।
जस्टिस गीता के. बी.।
जस्टिस राजेश्वरी एन. हेगड़े।
Updated on:
25 Jul 2026 03:15 am
Published on:
25 Jul 2026 03:15 am
