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कर्नाटक के मंत्री ने यौन उत्पीड़न के आरोपी MP रेवन्ना की भगवान श्रीकृष्ण से की तुलना, कहा- ‘वह तो उनसे भी आगे निकलना चाहते थे’

यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद प्रज्जवल रेवन्ना पर महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनपर 70 से अधिक महिलाओं के सेक्सुअल 3000 वीडियो क्लिप बनाने के आरोप हैं।

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JDS MP Prajwal Revanna

JDS MP Prajwal Revanna Sex Scandal Video: कर्नाटक के आबकारी मंत्री रामप्पा तिम्मापुर ने हासन के सांसद प्रज्वल रेवन्ना की तुलना भगवान श्रीकृष्ण से कर दी। उन्होंने कहा कि प्रज्वल रेवन्ना भगवान कृष्ण से आगे निकलना चाहते थे। कृष्ण तो महिलाओं की अपनी भक्ति के कारण उनसे घिरे रहते थे। इस बयान के बाद कर्नाटक की राजनीति में भूचाल आ गया है। रामप्पा तिम्मापुर ने कहा, "हमने देश में इतनी गंदी सोच कभी नहीं देखी। उन्होंने शायद सोचा था कि वह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना सकते हैं। महिलाएं अपनी भक्ति के कारण श्रीकृष्ण के साथ रहती थीं लेकिन इस तरह नहीं। प्रज्वल रेवन्ना शायद उनका रिकॉर्ड तोड़ना चाहते थे।"

रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न के बाद पार्टी ने किया निलंबित

जद (एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने और उन्हें अपने फोन पर रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया गया है। 28 अप्रैल को एक 47 वर्षीय महिला ने सांसद, जो पूर्व प्रधान मंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते भी हैं, के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और उन पर उसे और उसकी बेटी को परेशान करने का आरोप लगाया। कुछ ही देर बाद और भी महिलाएं शिकायत लेकर सामने आईं। प्रज्वल को 30 अप्रैल को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।

70 से अधिक महिलाओं की 3000 वीडियो बनाने का आरोप

रेवन्ना पर यौन कृत्य करते समय 70 से अधिक महिलाओं की लगभग 3,000 वीडियो क्लिप फिल्माने का आरोप है। एडीजीपी बीके सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) मारपीट के आरोपों की जांच करेगी और यह भी जांच करेगी कि वीडियो प्रसारित करने के लिए कौन जिम्मेदार था। एसआईटी की ओर से उनके परिवार को नोटिस भेजा गया था और उन्हें टीम के सामने पेश होने के लिए कहा गया था।

रेवन्ना ने CID के समक्ष पेश होने के लिए 7 दिन का समय मांगा

27 अप्रैल को देश छोड़ने वाले प्रज्वल रेवन्ना ने 1 मई को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, "चूंकि मैं पूछताछ में शामिल होने के लिए बेंगलुरु में नहीं हूं इसलिए मैंने अपने वकील के माध्यम से सीआईडी ​​बेंगलुरु को सूचित कर दिया है। सच्चाई जल्द ही सामने आएगी।" उनके वकील अरुण जी ने एसआईटी को पत्र लिखकर उनके सामने पेश होने के लिए सात दिन का समय मांगा है।