
करूर भगदड़ में घायल 110 में से 104 लोग हुए स्वस्थ (Photo-IANS)
Karur Stampede: एक्टर से नेता बने विजय ने शनिवार को तमिलनाडु के करूर जिले में रैली की थी। इस रैली में भगदड़ मचने से 39 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 10 बच्चे और 16 महिलाएं शामिल हैं, जबकि कई लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं तमिलनाडु सरकार ने मामले की जांच हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस अरुणा जगदीशन को सौंप दी।
न्यायमूर्ति अरुणा जगदीशन ने 2009 से मार्च 2015 तक मद्रास उच्च न्यायालय में अवर न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। इसके अलावा उन्होंने 2018 में तूतीकोरिन में हुए स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शनों की जांच करने वाले आयोग का नेतृत्व किया था। इस प्रदर्शन में पुलिस की गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा घायल हुए थे।
अरुणा जगदीशन फरवरी 2015 में वेलाचेरी में कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में चेन्नई पुलिस को क्लीन चिट देने वाली उच्च न्यायालय की पीठ का भी हिस्सा थीं, जहाँ बैंक डकैती के संदिग्ध पांच लोग मारे गए थे। पीठ ने सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जगदीशन ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता और उनके सहयोगियों से जुड़े संपत्ति संबंधी मामलों की भी जांच की।
पुलिस के मुताबिक एक्टर विजय की रैली दोपहर 3 बजे निर्धारित थी, लेकिन वे शाम 7.30 बजे पहुंचे थे। आयोजकों ने लगभग 10,000 लोगों की भीड़ के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन तमिलनाडु के प्रभारी डीजीपी जी. वेंकटरमण के अनुसार, लगभग 27,000 लोग पहुंचे, जो उम्मीद से कहीं ज़्यादा था। बताया गया कि कार्यक्रम स्थल पर इतनी बड़ी भीड़ के लिए भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जो घंटों धूप में इंतज़ार कर रही थी।
वहीं राजनेता विजय ने शनिवार को हुई भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने घोषणा करते हुए बताया कि वह इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 20-20 लाख रुपए का मुआवजा देंगे। साथ ही घायलों को भी 2 लाख रुपए देने का ऐलान किया।
Updated on:
28 Sept 2025 02:44 pm
Published on:
28 Sept 2025 02:44 pm
