
Kendriya Vidyalaya’s discretionary quotas on hold
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया। इस फैसले के तहत KVS ने सांसद और जिलाधिकारी कोटे से विद्यालय में अगले आदेश तक एडमिशन पर रोक लगा दी है। BJP सांसद सुशील मोदी ने गुरुवार को कोटा प्रवेश पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत करते हुए ट्विटर पर साझा किया और दावा किया कि इससे देश में केवीएस में लगभग 30,000 सीटें खुल जाएंगी। इससे पहले केंद्र सरकार ने पिछले साल 2021-22 के शैक्षणिक सत्र से प्रवेश के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के विवेकाधीन कोटा को खत्म कर दिया था।
बता दें कि किसी भी केंद्रीय विद्यालय में सांसद और जिलाधिकारियों के लिए 10 सीटों का कोटा रहता था लेकिन अब इसपर केंद्रीय विद्यालय संगठन ने इसके तहत होने वाले अड्मिशन पर रोक लगा दी है। इससे हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा।
क्या होता है सांसद कोटा?
सांसद या जिलाधिकारी अपने क्षेत्र में सिफारिश पर कोटे के आधार पर 10 छात्रों को दाखिला दिला सकते थे, लेकिन अब अगले आदेश तक इस पर रोक लगा दी गई है। ये कोटा साल 1975 में केंद्र सरकार ने केंद्रीय विद्यालयों में विशेष योजना के तहत निर्धारित किया था। इसके तहत लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों के लिए सीटों की संख्या तक तय कर दी गई थी।
केन्द्रीय विद्यालय में कोटा सिस्टम की होगी समीक्षा
राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्यसभा में बताया कि केन्द्रीय विद्यालय में कोटा सिस्टम की समीक्षा की जाएगी और सदस्यों के विचार लेने के लिए संसद में चर्चा के बाद इसे रद्द करने का निर्णय लिया जाएगा।
बता दें इस बार केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने ये निर्णय लिया है कि KVS में उन छात्रों को अड्मिशन के लिए महत्व दिया जाएगा जिन्होंने कोरोना महामारी के कारण अपने माता-पिता को खो दिया।
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Updated on:
15 Apr 2022 07:24 am
Published on:
14 Apr 2022 11:19 pm
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