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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार का पहला बयान, किरेन रिजिजू बोले- हर फैसले के केंद्र में करोड़ों छात्रों को रखा

Kiren Rijiju on Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा सुधारों, छात्र कल्याण और सार्वजनिक जीवन में योगदान की तारीफ की।
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dharmendra pradhan resignation

किरण रिजिजू और धर्मेंद्र प्रधान (फ़ोटो- kiran rijiju X)

Dharmendra Pradhan Resignation: Neet पेपर लीक के खिलाफ बीते एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर केंद्र सरकार की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की तारीफ की और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के हित को हमेशा केंद्र में रखा - किरेन रिजिजू

किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि असली लीडरशिप की पहचान दशकों तक किए गए काम से होती है और धर्मेंद्र प्रधान का सफर जन-सेवा और छात्रों के कल्याण के प्रति उनके जीवन भर के समर्पण का सबूत है। किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में धर्मेंद्र प्रधान के साथ काम करते हुए, उन्होंने भारत की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने और हर फैसले के केंद्र में लाखों युवा छात्रों को रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता देखी। इतने महत्वपूर्ण क्षेत्र का नेतृत्व करने के लिए बहुत दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है और धर्मेंद्र प्रधान ने इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभाया है।

किरेन रिजिजू आगे लिखते हैं, "धर्मेंद्र प्रधान की अटूट सेवा, सुधारों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और एक मजबूत भारत के निर्माण में आपके योगदान के लिए धन्यवाद। मुझे उम्मीद है कि आप इसी समर्पण और ईमानदारी के साथ देश की सेवा करते रहेंगे।"

शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया। यह जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 3 मई को हुई परीक्षा में गड़बड़ी सामने आते ही तुरंत कड़े कदम उठाए गए थे, जैसे CBI जांच, दोबारा परीक्षा और अगले साल से CBT मोड में परीक्षा कराना। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 20 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया गया, लेकिन कुछ लोगों द्वारा फैलाई गई अफवाहों के कारन उन्हें बहुत दुख हुआ।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्र हित को सबसे ऊपर रखते हुए पद छोड़ने का फैसला किया, ताकि जंतर-मंतर पर बनी संवेदनशील स्थिति का कोई देश-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके, देश की एकता बनी रहे और किसी भी छात्र का करियर कानूनी पेचीदगियों में न फंसे। है